Bihar Politics: 'उनका जाना अपूरणीय क्षति', सीएम नीतीश के इस्तीफे से भावुक हुए मंत्री, विजय चौधरी, अशोक चौधरी लगे रोने....
Bihar Politics: सीएम नीतीश कुमार के विधान परिषद सदस्य पद से इस्तीफे के बाद बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। राज्यसभा के लिए निर्वाचित होने के बाद उन्होंने संवैधानिक प्रक्रिया के तहत अपना पद छोड़ दिया..
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विधान परिषद सदस्य पद से इस्तीफा दे दी है। माना जा रहा है कि जल्द ही सीएम नीतीश मुख्यमंत्री पद से भी इस्तीफा देने वाले हैं। इसी बीच सभी मंत्रियों का बयान सामने आ रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विधान परिषद सदस्य पद से इस्तीफे के बाद बिहार की राजनीति में भावुक माहौल देखने को मिल रहा है। जदयू और सरकार के कई वरिष्ठ नेताओं ने इसे राज्य के लिए बड़ा नुकसान बताया है।
बिहार के लिए अपूरणीय क्षति
मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री के राज्यसभा के लिए निर्वाचित होने के बाद यह संवैधानिक अनिवार्यता थी कि वे विधान परिषद की सदस्यता छोड़ें। इसी क्रम में उन्होंने आज अपना इस्तीफा सौंपा, जिसे सभापति ने स्वीकार कर लिया है। उन्होंने कहा कि, नीतीश कुमार का जाना बिहार की राजनीति और सरकार के लिए अपूरणीय क्षति है। शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति होगा जो यह चाहता हो कि वे बिहार से जाएं। जो लोग राजनीतिक रूप से उनके साथ नहीं भी रहे, उनके मन में भी उनके प्रति सम्मान और भावनाएं हैं। जिन लोगों ने कभी उनका साथ नहीं दिया आज उनके जाने से सभी की आंखें नम है।
ऐसा नेता न मिला है, न मिलेगा
मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि नीतीश कुमार ने लंबे समय तक बिहार के लिए काम किया और हर वर्ग के लोगों के साथ उनका विशेष जुड़ाव रहा। उन्होंने कहा कि, एक छोटे कर्मचारी से लेकर मंत्री तक, हर किसी के प्रति उनका व्यवहार अलग और सकारात्मक रहा। वे निस्वार्थ भाव से सिर्फ राज्य और जनता के लिए काम करने वाले नेता हैं। ऐसा नेता न पहले मिला है और न आगे मिलेगा। अशोक चौधरी ने आगे कहा कि उनके जाने के बाद सदन की कार्यवाही में उनकी कमी साफ महसूस होगी। उनका डांटना, समझाना और मंत्रियों का संरक्षण करना, यह सब याद आएगा।
संजय सिंह भी हुए भावुक
वहीं, जदयू नेता संजय सिंह ने कहा कि वे साल 2006 से नीतीश कुमार के साथ जुड़े हैं और उनके नेतृत्व में लगातार काम करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि, यह बिहार के लिए भावुक क्षण है, लेकिन ऐसा नहीं है कि वे पूरी तरह दूर हो जाएंगे। उनके नेतृत्व और मार्गदर्शन में आगे भी काम चलता रहेगा। सभी नेताओं ने कहा कि यह निर्णय स्वयं नीतीश कुमार का है और उनका सम्मान किया जाना चाहिए। हालांकि, उनके जाने से जो खालीपन बनेगा, उसे भर पाना आसान नहीं होगा।
पटना से रंजन की रिपोर्ट