बिहार ने बनाया नया इतिहास ! मोकामा में नए डबल लाइन रेल पुल से ट्रेनों का परिचालन शुरू, एक साथ तीन ट्रेनें करेंगी गंगा पार

नए रेल पुल से जुड़ा पूरा प्रोजेक्ट करीब 15.5 किलोमीटर लंबाई में फैला है। इसमें गंगा नदी पर करीब 1.9 किलोमीटर लंबा मुख्य रेल पुल शामिल है। करीब 2,400 करोड़ रुपये की लागत से तैयार नए रेल पुल से उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच रेल संपर्क बेहतर होगा

Mokama Double Line Rail Bridge - फोटो : news4nation

Bihar News : मोकामा में गंगा नदी पर राजेंद्र सेतु के समानांतर बनाए गए नए डबल लाइन रेल पुल से ट्रेनों का परिचालन शुरू हो गया है। सोमवार की देर रात 1:40 बजे महानंदा एक्सप्रेस ने पहली बार नवनिर्मित रेल पुल से गंगा पार की। रेलवे अधिकारियों के अनुसार ट्रेन करीब 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पुल से गुजरी। नए पुल पर ट्रेनों के लिए अधिकतम 140 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार की क्षमता रखी गई है।


करीब 2,400 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस नए रेल पुल के चालू होने से उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच रेल संपर्क को अतिरिक्त मजबूती मिली है। साथ ही बिहार के रास्ते उत्तर-पूर्वी राज्यों की ओर जाने वाली यात्री ट्रेनों और मालगाड़ियों के परिचालन में भी सुविधा होगी।


संरक्षा निरीक्षण के बाद शुरू हुआ परिचालन

नवनिर्मित पुल को रेल परिचालन के लिए उपलब्ध कराने से पहले रेल संरक्षा आयुक्त, पूर्वी सर्किल, कोलकाता गुरु प्रकाश ने शनिवार और रविवार को दो दिवसीय संरक्षा निरीक्षण किया था। उन्होंने नए पुल के साथ-साथ राजेंद्रपुल-हाथीदह ऊपर-रामपुर डुमरा रेलखंड और टाल स्टेशन का भी निरीक्षण किया। संरक्षा निरीक्षण पूरा होने के बाद पुल को ट्रेनों के परिचालन के लिए हरी झंडी दी गई।


राजेंद्र सेतु के समानांतर बना है नया पुल

नया डबल लाइन रेल पुल मौजूदा राजेंद्र सेतु के समानांतर पटना छोर की तरफ करीब 50 मीटर की दूरी पर बनाया गया है। खास बात यह है कि नए पुल पर ट्रेनों का परिचालन शुरू होने के बाद भी पुराने राजेंद्र सेतु से रेलवे परिचालन जारी रहेगा। यानी अब इस रेल मार्ग पर कुल तीन रेल लाइनों की सुविधा उपलब्ध हो गई है।

15.5 किलोमीटर लंबा है पूरा प्रोजेक्ट

नए रेल पुल से जुड़ा पूरा प्रोजेक्ट करीब 15.5 किलोमीटर लंबाई में फैला है। इसमें गंगा नदी पर करीब 1.9 किलोमीटर लंबा मुख्य रेल पुल शामिल है। मुख्य पुल में गंगा पर 17 स्टील स्पैन बनाए गए हैं। इसके अलावा करीब 3.6 किलोमीटर रेल वायडक्ट, आठ छोटे पुल, दो रोड ओवरब्रिज और तीन रेल ओवर रेल का भी निर्माण किया गया है। 

परियोजना की डिजाइन इस तरह तैयार की गई है कि मौजूदा राजेंद्र सेतु के एप्रोच में कम से कम बदलाव करना पड़े। नए पुल के दोनों छोर भी मौजूदा रेल नेटवर्क से जुड़े हैं। उत्तर की ओर हाथीदह, टाल और रामपुर डुमरा तथा दक्षिण की ओर राजेंद्रपुल और बरौनी स्टेशन इस रेल नेटवर्क से जुड़े रहेंगे।

रेलवे ट्रैफिक में 2.5 गुना वृद्धि का अनुमान

नए डबल लाइन पुल और पुराने राजेंद्र सेतु पर जारी रेल परिचालन से इस महत्वपूर्ण रेल कॉरिडोर की क्षमता काफी बढ़ गई है। इससे उत्तर और दक्षिण बिहार के साथ-साथ देश के उत्तर-पूर्वी हिस्सों के बीच रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी। यात्री ट्रेनों के साथ मालगाड़ियों के परिचालन में भी सुधार होगा और रेलवे ट्रैफिक में करीब 2.5 गुना वृद्धि का अनुमान है।


नई रेल लाइन के शुरू होने से माल ढुलाई में लगने वाले समय और लागत को कम करने में भी मदद मिलेगी। इससे व्यापारिक गतिविधियों के साथ-साथ जरूरी वस्तुओं की आवाजाही को गति मिलने की उम्मीद है। मोकामा का यह नया गंगा रेल पुल आने वाले समय में बिहार की बेहतर रेल कनेक्टिविटी, व्यापार और आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना साबित हो सकता है।