Bihar Crime: बिहार में फर्जी आधार-पासपोर्ट नेटवर्क पर NIA की नजर, मास्टरमाइंड एजाज कमर का खंगाला जाएगा पूरा नेटवर्क
Bihar Crime: बिहार समेत देश के कई राज्यों में कथित तौर पर फर्जी आधार कार्ड और विदेशी नागरिकों के पासपोर्ट बनवाने वाले नेटवर्क की जांच तेज होने जा रही है।
Bihar Crime: बिहार समेत देश के कई राज्यों में कथित तौर पर फर्जी आधार कार्ड और विदेशी नागरिकों के पासपोर्ट बनवाने वाले नेटवर्क की जांच तेज होने जा रही है। इस मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के साथ जानकारी साझा करने की तैयारी की जा रही है। पुलिस के मुताबिक, आरा के मूल निवासी और चंडीगढ़ में रहने वाले मोहम्मद एजाज कमर के नेटवर्क की विस्तृत पड़ताल की जाएगी। जांच में बांग्लादेशी और अफगानी नागरिकों के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार कराने के आरोप भी सामने आए हैं। हालांकि, इस नेटवर्क की पूरी भूमिका और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े पहलुओं की पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगी।
30 हजार रुपये मासिक पर मशीनें उपलब्ध कराने का आरोप
जांच से जुड़े विवरण के मुताबिक, एजाज कमर देश के 11 राज्यों में विभिन्न बैंकों में संचालित आधार केंद्रों पर मशीन और मैनपावर उपलब्ध कराने के काम से जुड़ा था। आरोप है कि वह करीब 30 हजार रुपये मासिक लेकर आधार बनाने वाली मशीनें ऐसे केंद्रों को उपलब्ध कराता था, जहां कथित तौर पर दूसरे व्यक्तियों के फिंगरप्रिंट का इस्तेमाल कर विदेशी नागरिकों के आधार कार्ड तैयार किए जाते थे।पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन मशीनों की आपूर्ति किन लोगों को की गई, संबंधित केंद्रों का संचालन कौन कर रहा था और फर्जी दस्तावेज तैयार करने की प्रक्रिया में किसकी क्या भूमिका थी।
मुजफ्फरपुर के मोतीझील में वर्ष 2020 से चल रहा था खेल
जांच में सामने आया है कि मुजफ्फरपुर के मोतीझील इलाके में वर्ष 2020 से कथित फर्जीवाड़ा चल रहा था। हैरानी की बात यह है कि श्यामनंदन रोड स्थित कन्हाई कम्युनिकेशन सेंटर नगर थाने के नजदीक था।पुलिस के अनुसार, इस केंद्र पर कार्यरत साहिल के ईमेल का इस्तेमाल बांग्लादेशी नागरिक का पासपोर्ट मोहम्मद आफताब के नाम से बनवाने में किया गया था। आरोप है कि इसी आधार केंद्र के माध्यम से बांग्लादेशी नागरिक का फर्जी आधार कार्ड भी तैयार किया गया, जिसका इस्तेमाल पासपोर्ट बनवाने में हुआ।अब पुलिस इस केंद्र से जुड़े दस्तावेजों, ईमेल रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन की पड़ताल कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि फर्जीवाड़े का दायरा कितना बड़ा था।
एसआईटी गठित, कई जिलों तक फैले नेटवर्क की पड़ताल
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुजफ्फरपुर पुलिस ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा के मुताबिक, इस मामले का संबंध राज्य के कई जिलों से जुड़ता है। इसलिए एसआईटी को पूरे नेटवर्क की जांच करने की जिम्मेदारी दी गई है।सिटी एसपी ने भी नगर थाना पुलिस को मामले की सूक्ष्मता से जांच करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI), नई दिल्ली को रिपोर्ट भेजने की तैयारी है।
NIA को साझा किया जाएगा नेटवर्क का ब्योरा
मामले के राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े होने के कारण केंद्रीय जांच एजेंसी के साथ मास्टरमाइंड और उसके कथित नेटवर्क से संबंधित जानकारी साझा की जाएगी। जांच एजेंसियों के सामने यह पता लगाने की चुनौती है कि फर्जी आधार और पासपोर्ट तैयार कराने में कितने लोग शामिल थे और क्या इस नेटवर्क का विस्तार बिहार से बाहर भी था। पुलिस फर्जी आधार केंद्र से जुड़े वित्तीय लेनदेन, दस्तावेजों और दूसरे जिलों में सक्रिय संपर्कों की जांच कर रही है। आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों और संबंधित एजेंसियों के निष्कर्षों के आधार पर होगी।