Bihar Police:अरवल में 12 घंटे तक चार लोगों को थाने में रखा, IG विकास वैभव ने थानाध्यक्ष को किया सस्पेंड
चार लोगों को बिना कानूनी आधार के करीब 12 घंटे तक थाने में रखने और उन्हें स्वजन से संपर्क नहीं करने देने के मामले में मगध क्षेत्र के आईजी विकास वैभव ने सदर थानाध्यक्ष दरबारी चौधरी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
Bihar Police: बिहार के अरवल जिले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने वाले मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। चार लोगों को बिना कानूनी आधार के करीब 12 घंटे तक थाने में रखने और उन्हें स्वजन से संपर्क नहीं करने देने के मामले में मगध क्षेत्र के आईजी विकास वैभव ने सदर थानाध्यक्ष दरबारी चौधरी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। मामले की जांच में चारों व्यक्तियों को गैरकानूनी तरीके से थाने में निरुद्ध रखने और उचित जांच किए बिना छोड़ने की पुष्टि हुई है। आईजी ने थानाध्यक्ष के खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू करने का भी आदेश दिया है।
छापेमारी अभियान के दौरान चार लोगों को पकड़ा गया था
यह मामला 22 और 23 सितंबर की रात का है। जानकारी के मुताबिक, विशेष छापेमारी अभियान के दौरान सदर थाना पुलिस चार लोगों को पकड़कर थाने ले आई थी। आरोप है कि इन लोगों को बिना किसी वैध कानूनी आधार के करीब 12 घंटे तक थाने में रखा गया। इस दौरान उन्हें अपने परिजनों से संपर्क करने की अनुमति भी नहीं दी गई।शिकायत में अवैध वसूली के बाद उन्हें छोड़ने का आरोप भी लगाया गया था। हालांकि, इस आरोप की पुष्टि के संबंध में जांच प्रतिवेदन में अलग से स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
ऑनलाइन शिकायत के बाद शुरू हुई जांच
पीड़ितों ने इस पूरे मामले की ऑनलाइन शिकायत अरवल एसपी से की थी। शिकायत पर त्वरित संज्ञान लेते हुए एसपी ने जांच की जिम्मेदारी एसडीपीओ कुमार संजय को सौंपी।एसडीपीओ की ओर से प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन में थानाध्यक्ष के विरुद्ध लगाए गए प्रमुख आरोपों की पुष्टि हुई। जांच के अनुसार, हिरासत में रखे गए चार लोगों में हरियाणा के तीन और अरवल का एक व्यक्ति शामिल था। इन्हें करीब 12 घंटे तक थाने में रखने के बाद उचित जांच किए बिना छोड़ दिया गया।जांच रिपोर्ट के आधार पर एसपी ने थानाध्यक्ष के विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा करते हुए मगध क्षेत्र के आईजी से अनुरोध किया था।
IG विकास वैभव ने लिया सख्त एक्शन
जांच प्रतिवेदन का अवलोकन करने के बाद आईजी विकास वैभव ने थानाध्यक्ष दरबारी चौधरी के आचरण को कर्तव्य के प्रति गंभीर लापरवाही, स्वेच्छाचारिता और अनुशासनहीनता का द्योतक माना। इसके बाद उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित करने और विभागीय कार्यवाही प्रारंभ करने का आदेश जारी किया गया निलंबन अवधि के दौरान दरबारी चौधरी का मुख्यालय पुलिस केंद्र, अरवल निर्धारित किया गया है। विभागीय कार्यवाही के तहत मामले से जुड़े तथ्यों और जिम्मेदारियों की आगे समीक्षा की जाएगी।
पुलिसकर्मियों को स्पष्ट संदेश, नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं
आईजी ने स्पष्ट किया है कि पुलिस विभाग में कर्तव्यनिष्ठा, पारदर्शिता, अनुशासन और विधिसम्मत कार्यप्रणाली सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी पुलिस पदाधिकारी द्वारा अपने पद और दायित्वों के निर्वहन में अनियमितता बरतने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।इस कार्रवाई को पुलिस महकमे में जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। मामला यह भी रेखांकित करता है कि किसी व्यक्ति को हिरासत में लेने और थाने में रखने की प्रक्रिया कानूनी प्रावधानों के अनुरूप होनी चाहिए। जांच में सामने आई अनियमितताओं के आधार पर हुई कार्रवाई से पुलिसकर्मियों को कानून और विभागीय अनुशासन का पालन करने का स्पष्ट संदेश मिला है।