Bihar News : बिक्रम में भव्य दिनकर जयंती समारोह में साहित्य, संस्कृति और राष्ट्रबोध पर हुआ मंथन, चार विभूतियां ‘दिनकर सम्मान’ से हुई सम्मानित
Bihar News : राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की जयंती पर बिक्रम में दिनकर विचार मंच द्वारा एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें साहित्य, संस्कृति तथा सामाजिक सरोकारों पर गंभीर और गहन मंथन किया।
PATNA : “सिंहासन खाली करो कि जनता आती है...” जैसी कालजयी पंक्तियों से जनमानस में चेतना और स्वाभिमान का संचार करने वाले राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की जयंती पर रविवार को बिक्रम साहित्य और राष्ट्रचेतना के विमर्श का केंद्र बन गया। पुराना सिनेमा हॉल (पाटलीपुत्रा रिज़ॉर्ट) में दिनकर विचार मंच, डॉ. आशुतोष कुमार के तत्वावधान में आयोजित भव्य समारोह में साहित्य, संस्कृति, राष्ट्रचेतना और सामाजिक सरोकारों पर गंभीर मंथन हुआ। समारोह का उद्घाटन श्री श्री 1008 सुदर्शनाचार्य जी महाराज (सुमिरन जी), तरेत स्थान, नौबतपुर ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके बाद राष्ट्रकवि दिनकर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया गया।
कवि नहीं, जनचेतना की आवाज थे दिनकर
समारोह में वक्ताओं ने कहा कि दिनकर केवल कविता लिखने वाले साहित्यकार नहीं थे, बल्कि भारतीय जनमानस के स्वाभिमान, संघर्ष और राष्ट्रचेतना के सशक्त स्वर थे। उनकी रचनाओं में राष्ट्रप्रेम के साथ सामाजिक जिम्मेदारी, अन्याय के विरुद्ध प्रतिरोध और मानवीय मूल्यों की गहरी चिंता दिखाई देती है। वक्ताओं ने कहा कि समय बदल गया, परिस्थितियां बदल गईं, लेकिन दिनकर के विचारों की प्रासंगिकता कम नहीं हुई। उनकी रचनाएं आज भी युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों, संस्कृति और सामाजिक दायित्वों से जोड़ने का काम कर रही हैं।
चार विभूतियों को मिला ‘दिनकर सम्मान’
समारोह में साहित्य और समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान के लिए चार विभूतियों को ‘दिनकर सम्मान’ प्रदान किया गया। प्रो. उदयराज ‘उदय’ को हिन्दी साहित्य, डॉ. कुमार मंगलम ‘रणवीर’ को हिन्दी कविता, आनंद प्रकाश विद्यार्थी को समाजसेवा तथा अजय कुमार को कुशल अध्यापन के क्षेत्र में योगदान के लिए सम्मानित किया गया।कार्यक्रम में पूर्व सांसद जगदीश शर्मा, विधान परिषद सदस्य एवं पूर्व मंत्री कार्तिकेय सिंह, पूर्व विधायक रीगा अमित कुमार टुन्ना, पूर्व विधायक राजापाकर प्रतिमा कुमारी दास, News4Nation के मुख्य संपादक कौशलेंद्र प्रियदर्शी, वरिष्ठ पत्रकार धीरेंद्र कुमार, पूर्व विधायक परबत्ता डॉ. संजीव कुमार तथा विकास सिंह सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।
नई पीढ़ी तक पहुंचाना होगा दिनकर का विचार
आयोजक दिनकर विचार मंच के डॉ. आशुतोष कुमार ने कहा कि दिनकर जयंती मनाने का उद्देश्य केवल राष्ट्रकवि की स्मृति को नमन करना नहीं, बल्कि उनके साहित्य और विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि दिनकर का साहित्य समाज को आत्मसम्मान, संघर्ष और अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक होने की प्रेरणा देता है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से उनकी वैचारिक विरासत को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास जारी रहना चाहिए। समारोह में साहित्यकारों, शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों और साहित्यप्रेमियों की उल्लेखनीय भागीदारी रही। कार्यक्रम के अंत में श्री चंदन कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
ऋषिकेश की रिपोर्ट