NEET छात्रा मर्डर-मिस्ट्री, स्पर्म मिला, गुनहगार गायब, 62 दिन बाद भी जांच बेअसर

NEET Student Murder: जहानाबाद की एक NEET छात्रा की मौत का मामला अब एक ऐसी रहस्यमयी क्राइम-कहानी बन चुका है, जिसमें हर सवाल के जवाब में सिर्फ पता नहीं सुनाई दे रहा है। ...

NEET छात्रा मर्डर-मिस्ट्री- फोटो : reporter

NEET Student Murder: जहानाबाद की एक NEET छात्रा की मौत का मामला अब एक ऐसी रहस्यमयी क्राइम-कहानी बन चुका है, जिसमें हर सवाल के जवाब में सिर्फ पता नहीं सुनाई दे रहा है। रेप हुआ यह जांच एजेंसियां मान चुकी हैं। लेकिन दरिंदा कौन है? छात्रा के कपड़ों पर मिला स्पर्म किसका है? और आखिर उसकी मौत कैसे हुई? इन तमाम सवालों पर अब भी सन्नाटा पसरा है।

SIT की कोर्ट में दाखिल 1200 पन्नों की केस डायरी ने इस सनसनीखेज केस की परतें और उलझा दी हैं। 6 जनवरी को शंभू गर्ल्स हॉस्टल के कमरे में छात्रा बेहोशी की हालत में मिली थी। 11 जनवरी को उसकी मौत हो गई। मगर 62 दिन गुजरने के बाद भी बिहार पुलिस, SIT और CBI की जांच जैसे अंधेरे में तीर चला रही है।

पोस्टमार्टम और FSL रिपोर्ट में रेप की तस्दीक हो चुकी है। कपड़ों से स्पर्म के निशान भी बरामद हुए, मगर हैरत की बात यह कि कई संदिग्धों के सैंपल लेने के बावजूद अभी तक यह साफ नहीं हो पाया कि वो स्पर्म किसका है।

पॉक्सो कोर्ट में जब सुनवाई हुई तो SIT और CBI की जांच पर ही सवाल खड़े हो गए। कोर्ट ने पाया कि दोनों एजेंसियों के बयान और केस डायरी के तथ्य कई जगह आपस में मेल नहीं खाते।

इस केस में सबसे ज्यादा चर्चा शंभू गर्ल्स हॉस्टल के मालिक मनीष रंजन को लेकर है। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, मगर हैरानी की बात यह है कि न SIT और न ही CBI ने उसे अब तक रिमांड पर लेकर कड़ी पूछताछ की। SIT ने सिर्फ बेऊर जेल जाकर उससे पूछताछ की, लेकिन कोर्ट में उसने अपना बयान ही बदल दिया।

पीड़ित परिवार के वकील एसके पांडेय का आरोप है कि मनीष रंजन बेहद शातिर खिलाड़ी है और बार-बार बयान बदलकर जांच को गुमराह कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि मनीष पहले जहानाबाद के एक पूर्व सांसद का ड्राइवर था और अब करोड़ों की संपत्ति का मालिक बन चुका है।वकील ने यहां तक आरोप लगाया कि मनीष हाई-प्रोफाइल सेक्स रैकेट चलाता है और लड़कियों को गलत धंधे में धकेलता है।

उधर जांच में एक और चौंकाने वाला पेच सामने आया है। छात्रा के कमरे से नींद की दवा के कितने रैपर मिले, इस पर भी तीन अलग-अलग बयान हैं कहीं 1, कहीं 5, तो कहीं 6 खाली पत्तों की बात कही गई है। ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल यही है क्या सच को दबाया जा रहा है? और अगर नहीं, तो फिर NEET छात्रा की मौत का असली गुनहगार आखिर कब बेनकाब होगा?