बिहार के सीमांचल और बंगाल के जिलों को जोड़कर बनेगा नया केंद्र शासित प्रदेश ! गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय का बड़ा बयान

पप्पू यादव ने कहा, प्रस्तावित केंद्र शासित प्रदेश में बिहार के सीमांचल के जिलों—किशनगंज, पूर्णिया, अररिया और कटिहार—के साथ पश्चिम बंगाल के मालदा, मुर्शिदाबाद और उत्तर दिनाजपुर शामिल होंगे.

New Union Territory in Bihar and Weat Bengal- फोटो : news4nation

Bihar News :  बिहार और पश्चिम बंगाल के कुछ जिलों को मिलाकर नया केंद्र शासित प्रदेश बनाने की चर्चा के बीच केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने शनिवार को इस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उन्होंने शनिवार को कहा कि इस तरह की कोई योजना केंद्र सरकार के स्तर पर नहीं है और यह दावा पूरी तरह तथ्यहीन है। दरअसल, पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने सोशल मीडिया पर दावा किया था कि भारतीय जनता पार्टी की योजना है कि पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लागू कर बिहार विधानसभा से प्रस्ताव पारित कराया जाए और इसके बाद बिहार के सीमांचल क्षेत्र तथा पश्चिम बंगाल के कुछ जिलों को मिलाकर एक नया केंद्र शासित प्रदेश बनाया जाए।


पप्पू यादव ने अपने बयान में कहा था कि इस प्रस्तावित केंद्र शासित प्रदेश में बिहार के सीमांचल क्षेत्र के जिलों—किशनगंज, पूर्णिया, अररिया और कटिहार—के साथ पश्चिम बंगाल के मालदा, मुर्शिदाबाद और उत्तर दिनाजपुर जैसे जिलों को शामिल किया जा सकता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को हटाने और नए राज्यपाल की नियुक्ति के पीछे भी यही राजनीतिक योजना हो सकती है।


हालांकि इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि पप्पू यादव का यह दावा पूरी तरह निराधार है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ऐसी किसी योजना पर केंद्र सरकार में कोई चर्चा नहीं हुई है और उनके ट्वीट को गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं है। इधर बिहार की राजनीति में भी तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चा और उनके नामांकन के बाद राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें तेज हो गई हैं। साथ ही मौजूदा राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान को बदलकर नए राज्यपाल की नियुक्ति की प्रक्रिया भी चर्चा में है।


इन सभी राजनीतिक घटनाक्रमों के बीच बिहार में आने वाले समय में भाजपा के नेतृत्व में नई सरकार बनने की संभावनाओं को लेकर भी सियासी बहस तेज हो गई है। हालांकि सीमांचल और पश्चिम बंगाल के जिलों को मिलाकर केंद्र शासित प्रदेश बनाने की बात को केंद्र सरकार ने पूरी तरह खारिज कर दिया है।