NHAI की अनोखी स्कीम: टोल प्लाजा पर गंदा टॉयलेट मिला तो मिलेंगे 1000 रुपये, बस मोबाइल ऐप पर अपलोड करनी होगी फोटो

नेशनल हाईवे पर सफर के दौरान अब गंदगी देखना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। NHAI ने 'क्लीन टॉयलेट पिक्चर चैलेंज' शुरू किया है, जिसके तहत टोल प्लाजा के अस्वच्छ शौचालय की फोटो भेजने पर यात्री को 1000 रुपये का फास्टैग रिचार्ज दिया जाएगा।

Patna - राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर करने वाले यात्रियों के लिए NHAI ने एक क्रांतिकारी योजना शुरू की है। 'क्लीन टॉयलेट पिक्चर चैलेंज' के तहत यदि किसी टोल प्लाजा के शौचालय में गंदगी पाई जाती है, तो उसकी प्रमाणिक फोटो भेजने वाले यात्री को 1000 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इस पहल का मुख्य उद्देश्य राजमार्गों पर स्वच्छता सुनिश्चित करना और विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों एवं वरिष्ठ नागरिकों के लिए बेहतर सुविधाएं प्रदान करना है।

'राजमार्गयात्रा' ऐप के जरिए दर्ज होगी शिकायत 

यदि किसी यात्री को NHAI द्वारा संचालित टोल प्लाजा का शौचालय अस्वच्छ या मानकों के विपरीत मिलता है, तो उसे जियो-टैग और टाइम-स्टैम्प के साथ फोटो खींचकर 'राजमार्गयात्रा' मोबाइल ऐप पर अपलोड करना होगा। विभाग द्वारा शिकायत की जांच की जाएगी और सही पाए जाने पर प्रोत्साहन राशि सीधे वाहन के फास्टैग (FASTag) खाते में रिचार्ज कर दी जाएगी। ध्यान रहे कि यह राशि नकद नहीं मिलेगी और इसका उपयोग भविष्य में टोल भुगतान के लिए किया जा सकेगा।

योजना की शर्तें और समय-सीमा 

NHAI ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान 30 जून, 2026 तक प्रभावी रहेगा। प्रत्येक वाहन को पूरे अभियान के दौरान केवल एक बार ही इस लाभ की पात्रता होगी। इसके अलावा, किसी एक विशिष्ट शौचालय के संबंध में एक ही दिन में प्राप्त होने वाली पहली वैध शिकायत ही पुरस्कार के लिए योग्य मानी जाएगी। यह योजना केवल NHAI के टोल प्लाजा पर लागू होगी; निजी पेट्रोल पंप या ढाबों के शौचालय इसके दायरे में नहीं आएंगे।

बिहार के यात्रियों को मिलेगा बड़ा लाभ 

बिहार में NHAI के अधीन आने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों पर प्रतिदिन हजारों की संख्या में लोग आवाजाही करते हैं। लंबी दूरी तय करने वाले चालकों और परिवारों के लिए यह सुविधा अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस पहल के माध्यम से सरकार यात्रियों को निगरानी प्रक्रिया का हिस्सा बनाकर टोल संचालकों की जवाबदेही तय करना चाहती है। NHAI ने सभी उपयोगकर्ताओं से अपील की है कि वे इस अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेकर राजमार्गों को स्वच्छ और सुरक्षित बनाने में मदद करें।