Bihar Politics: नीतीश की जगह निशांत पहुंचे गांधी मैदान, ईद के मौके पर लिखी गई नई सियासी स्क्रिप्ट, JDU के बनेंगे तारणहार!

Bihar Politics: पटना के गांधी मैदान में ईद के मौके पर नई सियासी स्क्रिप्ट लिखी गई। जहां किरदार तो वहीं था लेकिन चेहरा बदल गया था। एक ओर जहां 20 सालों की परंपरा टूटी तो वहीं दूसरी ओर नई पथकथा भी लिखी गई.....

नीतीश नदारद निशांत की मौजूदगी...- फोटो : News4nation

Bihar Politics: कहते हैं ना किरदार वही रहते हैं लेकिन चेहरे बदल जाते हैं...ऐसा ही नजारा आज पटना के गांधी मैदान में देखने को मिला। जहां हर साल की तरह ईद की नमाज अदा की गई। भारी संख्या में नामाजी भी पहुंचे, लेकिन इस दौरान एक अलग ही सियासी तस्वीर देखने को मिली। पटना के गांधी मैदान में आज दो दशकों से चली आ रही परंपरा टूटी और नीतीश कुमार की जगह उनके बेटे निशांत कुमार ने मौजूदगी दर्ज कराई। मंच वही था, माहौल वही था यहां तक की साथ में मंत्री भी वहीं थे लेकिन चेहरा बदल चुका था और इसी बदलाव ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है। क्या यह सिर्फ एक संयोग है या फिर बिहार की राजनीति में किसी नई सियासी पटकथा की शुरुआत? गांधी मैदान की यह तस्वीर कई सवाल छोड़ गई है। सीएम नीतीश की गैरमौजूदगी और निशांत की मौजूदगी कई सियासी सवाल खड़े कर रहे हैं। 

2025 में गांधी मैदान में सीएम नीतीश उनके साथ मंत्री अशोक चौधरी 

2026 में गांधी मैदान में निशांत कुमार उनके साथ मंत्री अशोक चौधरी 


20 साल में पहली बार नहीं पहुंचे नीतीश 

बता दें कि, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पिछले 20 वर्षों में पहली बार गांधी मैदान के मुख्य नमाज में शामिल नहीं हुए। 2005 में मुख्यमंत्री बनने के बाद से वे हर साल गांधी मैदान पहुंचकर नमाजियों से मुलाकात करते थे। हर साल की तरह इस बार भी गांधी मैदान में बड़ी संख्या में नमाजी जुटे, लेकिन सीएम की गैरमौजूदगी चर्चा का विषय बनी रही। परंपरा के अनुसार, जब नीतीश कुमार कार्यक्रम में पहुंचते थे, तो मुस्लिम नेता उनका गमछा और टोपी पहनाकर स्वागत करते थे। इसके बाद वे नमाजियों से गले मिलकर उन्हें ईद की बधाई देते थे। उनके साथ मंत्री अशोक चौधरी भी मौजूद रहते थे। 

नीतीश की तरह निशांत ने निभाई परंपरा 

हालांकि इस बार उनकी जगह उनके बेटे निशांत कुमार गांधी मैदान पहुंचे। निशांत ने भी अपने पिता की तरह नमाजियों से मुलाकात की और ईद की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान उनके साथ मंत्री अशोक चौधरी भी मौजूद रहे। मुस्लिम समुदाय के नेताओं ने निशांत कुमार का स्वागत किया और उन्हें गमछा व टोपी पहनाकर सम्मानित किया। निशांत ने भी लोगों से मिलकर ईद की खुशियां साझा कीं। निशांत ने छोटे नमाजी के हाथों से मिठाई खाई और खिलाई भी। सबसे खास बात रही कि निशांत गांधी मैदान में सीएम सिक्योरिटी के साथ पहुंचे थे। 

पिता जी ओर से दी शुभकामनाएं 

इस दौरान निशांत ने मीडियाकर्मियों से बातचीत के दौरान कहा कि वो अपने पिता की ओर से सभी नमाजियों को ईद की शुभकामनाएं देते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और अपने पिता जी की तरफ से बिहार और देशवासियों को ईद की मुबारकबाद देते हैं। अल्लाह की बरकत हम सब देशवासियों पर बनी रहे। वहीं सीएम नीतीश गांधी मैदान तो नहीं पहुंचे लेकिन उन्होंने अपने सोशल मीडिया के जरिए ईद की शुभकामनाएं देशवासियों को दी। सीएम नीतीश ने लिखा कि,"ईद के मौके पर प्रदेश एवं देशवासियों को तथा विशेषकर मुस्लिम भाई-बहनों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। खुदा इस मुबारक दिन पर हम सब पर अपनी रहमतों की बारिश करें और राज्य में सुख, शांति एवं समृद्धि आए।"

बिहार में बदलाव के बयार 

बहरहाल, गांधी मैदान की यह तस्वीर सिर्फ एक आयोजन का हिस्सा नहीं, बल्कि सियासत के बदलते संकेतों की झलक भी मानी जा रही है। नीतीश कुमार की गैरमौजूदगी और निशांत कुमार की मौजूदगी ने यह साफ कर दिया कि परंपराएं भले कायम रहें, लेकिन चेहरे बदलने लगे हैं। अब यह आने वाला वक्त ही तय करेगा कि यह बदलाव महज संयोग था या बिहार की राजनीति में किसी नई सियासी पारी की शुरुआत। राजनीतिक जानकारों की मानें तो सीएम नीतीश के बिहार से जाने के बाद अब निशांत ही बिहार में जदयू की बागडोर संभालेंगे और जदयू के तारणहार बनेंगे।

2025 में गांधी मैदान में बच्चे के साथ सीएम नीतीश

2026- गांधी मैदान में बच्चों के हाथ से मिठाई खाते निशांत