निशांत ने वाराणसी से किया यूपी चुनाव का शंखनाद ! भाजपा को बड़ा संदेश, जानिए किन सीटों पर लड़ेगी जदयू
निशांत कुमार ने कहा कि वे अपने पिता नीतीश कुमार के विकास के विजन और विचारधारा को आगे बढ़ाने का काम करेंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन को मजबूत करने और जनता के बीच सक्रिय रहने की अपील की।
Bihar News : बिहार की सत्ता में लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (JDU) अब उत्तर प्रदेश की राजनीति में अपनी जमीन मजबूत करने की तैयारी में जुट गई है। वर्ष 2027 में होने वाले यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी ने वाराणसी से चुनावी अभियान का आगाज किया है। जदयू के वरिष्ठ नेता और बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने वाराणसी में पार्टी कार्यकर्ताओं के सम्मेलन में शामिल होकर संगठन को मजबूत करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जदयू उत्तर प्रदेश में अपनी राजनीतिक और सांगठनिक मौजूदगी बढ़ाना चाहती है। पार्टी एनडीए के घटक दल के रूप में चुनाव लड़ने पर विचार कर रही है, हालांकि इस संबंध में भाजपा से अभी कोई औपचारिक बातचीत नहीं हुई है। जल्द ही इस पर फैसला लिया जाएगा।
निशांत कुमार ने कहा कि वे अपने पिता नीतीश कुमार के विकास के विजन और विचारधारा को आगे बढ़ाने का काम करेंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन को मजबूत करने और जनता के बीच सक्रिय रहने की अपील की। जदयू ने इसे लेकर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया जिसमें लिखा है, 'माननीय नीतीश जी के कार्यों की स्वीकार्यता पूरे देश में है। माननीय निशांत कुमार जी उनके कार्यों को और भी विस्तार देने के लिए कटिबद्ध हैं। जनता दल (यूनाइटेड) इन्हीं विचारों और कार्यों के साथ उत्तर प्रदेश की जनता को सलाम कर रहा है।'
रेलवे स्टेशन पर हुआ भव्य स्वागत
वाराणसी पहुंचने पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन पर उत्तर प्रदेश जदयू के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने निशांत कुमार का स्वागत किया। इस दौरान बिहार सरकार के मंत्री मोहम्मद जमा खान और विधायक राहुल कुमार सिंह समेत पार्टी के कई नेता मौजूद रहे। स्वागत से अभिभूत निशांत ने कहा कि कार्यकर्ताओं के आत्मीय स्वागत और उत्साह से उनका मन अभिभूत है। उन्होंने इसे संगठन की ताकत बताया। वाराणसी प्रवास के दौरान बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार, वाल्मीकिनगर के सांसद सुनील कुमार और पार्टी के अन्य नेताओं ने भी उनका स्वागत किया। कार्यकर्ता सम्मेलन से पहले निशांत कुमार ने काशी विश्वनाथ धाम पहुंचकर बाबा विश्वनाथ के दर्शन किए और पूजा-अर्चना की।
कुर्मी वोट बैंक पर JDU की नजर
उत्तर प्रदेश में जदयू की रणनीति के केंद्र में पूर्वांचल और बिहार से सटे जिले हो सकते हैं। इन इलाकों में कुर्मी, कुशवाहा और पटेल समुदाय की अच्छी राजनीतिक मौजूदगी है। राजनीतिक विश्लेषणों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश की करीब 50 से 60 विधानसभा सीटों पर कुर्मी मतदाता निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। राज्य की लगभग 128 सीटों पर इस समुदाय का राजनीतिक प्रभाव माना जाता है।
नीतीश कुमार खुद कुर्मी समाज से आते हैं। ऐसे में जदयू को उम्मीद है कि उनके राजनीतिक प्रभाव और सामाजिक समीकरणों के सहारे उत्तर प्रदेश में पार्टी को फायदा मिल सकता है। हालांकि, इसके लिए संगठन का विस्तार और स्थानीय स्तर पर मजबूत नेतृत्व तैयार करना बड़ी चुनौती होगी। अब देखना होगा कि जदयू भाजपा के साथ गठबंधन में कितनी सीटों पर चुनाव लड़ने की दावेदारी करती है और निशांत कुमार की सक्रियता उत्तर प्रदेश में पार्टी को कितनी राजनीतिक ताकत दिला पाती है।