Bihar Cabinet : कैबिनेट विस्तार से पहले एक्शन में नीतीश सरकार, इनकी होगी छंटनी, मनोनयन की होगी समीक्षा
Bihar Cabinet : बिहार में नीतीश कैबिनेट की विस्तार को लेकर सियासी सरगर्मी हाई है। इसी बीच जानकारी मिल रही है कि सीएम नीतीश कैबिनेट विस्तार से पहले बोर्ड निगम और आयोगों में छंटनी करेंगे।
Bihar Cabinet : बिहार कैबिनेट की विस्तार को लेकर सियासी हलचल तेज है। कैबिनेट विस्तार से पहले नीतीश सरकार एक्शन मोड में है। जानकारी अनुसार अब बोर्ड निगम और आयोगों में छंटनी की जाएगी। जानकारी अनुसार राज्य कैबिनेट में संभावित विस्तार के आसपास ही बोर्ड, निगम और मनोनयन के जरिए गठित आयोगों के पुनर्गठन की तैयारी शुरू हो गई है। सूत्रों के अनुसार, इस प्रक्रिया में कुछ नए आयोगों का गठन भी किया जाएगा।
इनकी होगी छंटनी
एनडीए के घटक दल फिलहाल इस बात की समीक्षा में जुटे हैं कि पिछले साल जिन नेताओं और कार्यकर्ताओं को विभिन्न पदों पर मनोनीत किया गया था, वे विधानसभा चुनाव में कितने प्रभावी साबित हुए। जानकारी अनुसार, कई पदधारकों के खिलाफ दल-विरोधी आचरण की शिकायतें भी सामने आई थीं। घटक दलों ने इन शिकायतों की जांच कर ली है और संगठन के छोटे पदधारकों पर कार्रवाई भी की गई है। अब कार्रवाई के दायरे में वे पदाधिकारी भी आ सकते हैं, जिन्हें मनोनयन के आधार पर मंत्री स्तर का वेतन और अन्य सुविधाएं मिल रही हैं।
चुनाव से पहले हुआ था चयन
सबसे अधिक मनोनयन कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति और नागरिक परिषद में किया गया था। चुनाव से ठीक पहले नागरिक परिषद का विस्तार जिलों तक किया गया, जबकि कार्यक्रम कार्यान्वयन समितियां प्रखंड स्तर पर गठित की गईं। इन समितियों के माध्यम से एनडीए के हजारों कार्यकर्ताओं को संगठनात्मक रूप से मजबूत किया गया। इसी तरह बोर्ड, निगम और आयोगों के पद भी भरे गए थे। उम्मीद की जा रही थी कि ये पदधारक विधानसभा चुनाव में एनडीए उम्मीदवारों के लिए उपयोगी साबित होंगे। हालांकि, चुनाव के बाद कई उम्मीदवारों की ओर से शिकायतें सामने आईं कि कुछ पदधारक जीत सुनिश्चित करने के बजाय हार के प्रबंधन में जुटे रहे।
लिखित शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
मधुबनी जिले के बाबूबरही से जदयू विधायक मीना कामत ने एक मंत्री-स्तरीय पदधारक के खिलाफ लिखित शिकायत भी की है, जिस पर अब तक कार्रवाई नहीं हुई है। उधर, बिहार नागरिक परिषद में मंत्री स्तर के जिन पदों पर मनोनयन हुआ था, उनमें से कुछ पदधारक विधायक बन गए हैं। जदयू के मंजीत कुमार सिंह और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के माधव आनंद नागरिक परिषद के उपाध्यक्ष थे। परिषद के पुनर्गठन में अब इनकी जगह नए लोगों को मौका दिए जाने की तैयारी है।
युवा आयोग के गठन की तैयारी
विधानसभा चुनाव से पहले युवा आयोग के गठन की घोषणा की गई थी, लेकिन उस समय पदधारकों का मनोनयन नहीं हो सका था। अब उम्मीद जताई जा रही है कि फरवरी में इस आयोग का गठन कर दिया जाएगा। प्रस्तावित ढांचे के अनुसार, आयोग में एक अध्यक्ष, दो उपाध्यक्ष और सात सदस्य होंगे। इसके लिए अधिकतम आयु सीमा 45 वर्ष तय की गई है। सूत्रों के अनुसार, इस बार आम कार्यकर्ताओं की जगह विषय विशेषज्ञों को प्राथमिकता दी जाएगी।