Bihar Politics:20 साल के नीतीश युग का अंत,कब देंगे नीतीश इस्तीफा, जानें पूरा टाइम टेबल, सत्ता के नए दरवाजे पर जानिए सबसे आगे कौन है रेस में

बिहार की सियासत एक ऐसे मोड़ पर आ खड़ी हुई है जहां बीते लगभग दो दशक से सत्ता की कमान संभाल रहे नीतीश कुमार अपने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने जा रहे हैं।

सत्ता के नए दरवाजे पर जानिए सबसे आगे कौन है रेस में- फोटो : social Media

Bihar Politics: पटना की फ़िज़ाओं में आज सियासी गहमा-गहमी अपने चरम पर है। बिहार की सियासत एक ऐसे मोड़ पर आ खड़ी हुई है जहां बीते लगभग दो दशक से सत्ता की कमान संभाल रहे नीतीश कुमार अपने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने जा रहे हैं। यह कदम न सिर्फ एक युग के अंत का ऐलान है बल्कि राज्य की सियासी तहरीक में बड़े बदलाव का संकेत भी दे रहा है।

सूत्रों के मुताबिक, नीतीश कुमार अब राज्यसभा सांसद बन चुके हैं और लंबे कार्यकाल के बाद आज वह मुख्यमंत्री पद को अलविदा कहेंगे। सुबह की शुरुआत वे 10:30 बजे बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण से करेंगे, जिसके बाद 11 बजे कैबिनेट की आखिरी बैठक बुलाई गई है। इसे मौजूदा हुकूमत की अंतिम बैठक माना जा रहा है, जो इतिहास के पन्नों में दर्ज होने जा रही है।

इसके बाद 11:30 बजे सामूहिक तस्वीर का कार्यक्रम होगा, जो एक तरह से इस सरकार के सफर की आखिरी तस्वीर साबित होगा। दोपहर 3:10 बजे नीतीश कुमार लोकभवन से रवाना होंगे और 3:15 बजे राज्यपाल से मुलाकात कर अपना इस्तीफा सौंपेंगे। इसके साथ ही बिहार की सियासी बिसात पूरी तरह बदल जाएगी।

इस्तीफे के बाद शाम 4 बजे एनडीए विधायक दल की अहम बैठक बुलाई गई है, जिसमें नए मुख्यमंत्री के नाम पर आखिरी मुहर लगाई जाएगी। इस अहम बैठक के लिए केंद्रीय नेतृत्व ने शिवराज सिंह चौहान को पर्यवेक्षक नियुक्त किया है, जो नए नेता के नाम का ऐलान करेंगे।राजनीतिक गलियारों में सबसे ज़्यादा चर्चा इस बात की है कि इस बार मुख्यमंत्री पद भारतीय जनता पार्टी के खाते में जा सकता है। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का नाम सबसे आगे चल रहा है, हालांकि अन्य दावेदार भी कतार में हैं। पार्टी जातीय और सियासी संतुलन को मद्देनज़र रखते हुए अंतिम फ़ैसला लेगी, ताकि सत्ता का गणित पूरी तरह मजबूत रहे।

सूत्र यह भी बताते हैं कि नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह कल सुबह 11 बजे राजभवन में होगा, जहां पूरे राजनीतिक मंच पर नई हुकूमत का ऐलान किया जाएगा। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है, जिससे इस आयोजन का कद और भी बढ़ जाएगा।कुल मिलाकर, आज का दिन बिहार की सियासत में एक टर्निंग पॉइंट साबित हो रहा है जहां एक तरफ एक लंबे दौर का अंत है, तो दूसरी तरफ नए सियासी निज़ाम की शुरुआत की दस्तक। आने वाले कुछ घंटे तय करेंगे कि बिहार की कुर्सी पर अब कौन बैठता है और किसके हाथ में सत्ता की लगाम होगी।