गंगा के बढ़ते जलस्तर का जायजा लेने निकले नीतीश कुमार, जेपी सेतु से लेकर सिक्स लेन ब्रिज तक किया निरीक्षण
संजय झा ने कहा कि गंगा के बढ़ते जलस्तर को लेकर नीतीश कुमार भी चिंतित हैं। यही वजह है कि उन्होंने गुरुवार को पटना में गंगा की मौजूदा स्थिति का स्वयं आकलन किया।
बिहार में गंगा समेत कई नदियों के बढ़ते जलस्तर के बीच पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को पटना और आसपास के इलाकों का दौरा कर बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया। नीतीश कुमार ने जेपी सेतु पहुंचकर गंगा के बढ़ते जलस्तर और बहाव का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने सारण जिले की ओर जाकर वहां भी गंगा की स्थिति को देखा। वे पटना और राघोपुर के बीच गंगा नदी पर बने सिक्स लेन पुल पर पहुंचे। यहां से उन्होंने गंगा के बहाव और जलस्तर की मौजूदा स्थिति का आकलन किया। इस दौरान उनके साथ जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा भी मौजूद रहे।
निरीक्षण के बाद संजय झा ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि गंगा सहित बिहार में बहने वाली अधिकांश नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। उन्होंने कहा कि नेपाल में आई बाढ़ और तेज बारिश का असर बिहार की नदियों पर भी पड़ा है। संजय झा ने कहा कि नेपाल में पानी के तेज बहाव के बाद बिहार सरकार ने अत्यंत सक्रियता दिखाई। इसके कारण अब तक जान-माल के बड़े नुकसान को रोका जा सका है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और जल संसाधन विभाग की सक्रियता से बाढ़ से आम जनजीवन को बचाने के लिए समय रहते जरूरी कदम उठाए गए।
पटना में गंगा खतरे के निशान से ऊपर
संजय झा ने कहा कि गंगा के बढ़ते जलस्तर को लेकर नीतीश कुमार भी चिंतित हैं। यही वजह है कि उन्होंने गुरुवार को पटना में गंगा की मौजूदा स्थिति का स्वयं आकलन किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2016 में पटना में गंगा का उच्चतम बाढ़ स्तर (HFL) काफी अधिक रहा था, लेकिन इस बार गंगा का जलस्तर उस स्तर को पार कर चुका है। इसके बावजूद इस वर्ष गंगा के कारण पटना में अपेक्षाकृत कम परेशानी हुई है। इसका कारण पिछले कुछ वर्षों में गंगा के बहाव क्षेत्र में आने वाले इलाकों में किया गया बेहतर जल प्रबंधन है।
3 सितंबर को पटना में गंगा का जलस्तर
3 सितंबर की सुबह उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार पटना और आसपास के प्रमुख स्थानों पर गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बना हुआ है। गांधी घाट पर जलस्तर 49.71 मीटर दर्ज किया गया, जबकि यहां खतरे का निशान 48.60 मीटर है। यानी गंगा यहां 1.11 मीटर ऊपर बह रही है।
वहीं दीघा घाट पर गंगा का जलस्तर 51.60 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का निशान 48.60 मीटर है। गाँधी घाट में गंगा का जलस्तर 50.21 मीटर दर्ज किया गया, यहां भी नदी खतरे के निशान से ऊपर है। इसी तरह पटना के मोकामा के हथिदह में खतरे का निशान 41.76 मीटर है जबकि गुरुवार सुबह यहाँ गंगा 42.96 मीटर पर पहुंच गई। पटना सभी जगहों पर गंगा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।
हथिदह में खतरे का निशान
भागलपुर में भी परेशानी, पुनपुन से सड़क बहने की खबर
संजय झा ने कहा कि गंगा के तेज बहाव के कारण भागलपुर के कुछ इलाकों में परेशानी हुई है। वहीं पटना में पुनपुन नदी के बढ़े जलस्तर के कारण कुछ जगहों पर सड़क बहने की खबर है। उन्होंने कहा कि पानी उतरने के बाद इन सड़कों को जल्द ठीक कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आम लोगों को सुरक्षित रखना और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
अभिजीत की रिपोर्ट