Bihar Flood: बिहार में बिजली गुल होने का खतरा, पावर हाउस में घुसा बाढ़ का पानी, SDRF ने संभाला मोर्चा

Bihar Flood: पावर हाउस में पानी घुसने के बाद पूरे इलाके की बिजली आपूर्ति पर संकट मंडरा रहा है।...

Kaimur Flood
पावर हाउस में घुसा पानी- फोटो : reporter

Bihar Flood:  लगातार हो रही बारिश और डैम का फाटक खोले जाने के बाद मोहनिया क्षेत्र में बाढ़ का संकट लगातार गहराता जा रहा है। नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण आसपास के निचले इलाकों और गांवों में पानी घुस गया है। कई रिहायशी इलाकों में बाढ़ का पानी पहुंचने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। अब इस बाढ़ की चपेट में मोहनिया का पावर हाउस परिसर भी आ गया है।

पावर हाउस में पानी घुसने के बाद पूरे इलाके की बिजली आपूर्ति पर संकट मंडरा रहा है। अगर जलस्तर और बढ़ा तो बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप होने की आशंका है। फिलहाल पावर हाउस परिसर से पानी निकालने के लिए तीन पंपिंग मोटर लगाए गए हैं और लगातार पानी निकासी का काम जारी है।

पावर हाउस में पानी, बिजली व्यवस्था पर मंडराया संकट

नदी का पानी सीधे पावर हाउस परिसर में प्रवेश कर गया है और जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। ऐसे हालात में बिजली आपूर्ति कभी भी पूरी तरह बंद हो सकती है।

हालांकि पंपिंग मोटरों के जरिए पानी निकालने की कोशिश जारी है, लेकिन पानी के तेज बहाव के कारण खतरा बना हुआ है। बिजली व्यवस्था बाधित होने पर बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों की परेशानी और बढ़ सकती है।

डैम से पानी छोड़े जाने के बाद गांवों में घुसा पानी

बाढ़ की गंभीर स्थिति को लेकर एसडीएम रत्ना प्रियदर्शनी ने बताया कि डैम से पानी छोड़े जाने के कारण निचले इलाकों और गांवों के कई घरों में पानी प्रवेश कर गया है। प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया गया है।एसडीएम के मुताबिक, प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालने और जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाने के लिए एसडीआरएफ की टीम को बुलाया गया है। टीम मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन में सहयोग करेगी।प्रशासन की प्राथमिकता फिलहाल निचले इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना है। इसके साथ ही पावर हाउस से पानी निकालने की कवायद भी लगातार जारी है।

जलस्तर घटने तक बिजली बहाली चुनौती

प्रशासन के मुताबिक पावर हाउस परिसर में पानी रहने तक बिजली व्यवस्था सामान्य करना मुश्किल है। जलस्तर कम होने के बाद ही स्थिति में सुधार की उम्मीद है। एसडीएम ने कहा कि डैम के फाटक बंद होने के बाद ही पानी के स्तर में गिरावट आने की संभावना है।फिलहाल नदी के बढ़ते जलस्तर ने मोहनिया में दोहरी मुसीबत खड़ी कर दी है। एक ओर गांवों और घरों में बाढ़ का पानी घुस रहा है, तो दूसरी ओर बिजली आपूर्ति पर भी संकट मंडरा रहा है।

प्रशासन और एसडीआरएफ की टीम की सक्रियता के बीच अब सबसे बड़ी चुनौती लोगों को सुरक्षित रखना और जलस्तर को नियंत्रित होने तक बिजली व्यवस्था को बचाए रखना है। बाढ़ का पानी अगर और चढ़ा तो मोहनिया में बिजली संकट के साथ राहत और बचाव अभियान भी बड़ी चुनौती बन सकता है।

रिपोर्ट-देव तिवारी