आरसीपी सिंह के सामने अचानक आए सीएम नीतीश, मिलन होते-होते रह गया. किसने रोका ?, कुर्मी विधायकों का हुआ सबसे बड़ा जुटान

अरसे बाद सीएम नीतीश कुमार और आरसीपी सिंह का आमना-सामना हुआ। कुर्मी समाज के भारी महाजुटान के बीच आरसीपी सिंह मंच के नीचे से नीतीश को निहारते रहे, जिसे देख राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है...

साथ आते आते फिर रहे गए नीतीश कुमार और आरसीपी सिंह।- फोटो : देबांशु प्रभात

Patna  : बिहार के सीएम नीतीश कुमार के सामने अरसे बाद आरसीपी सिंह आ गए. आरसीपी की नजर जैसे ही नीतीश कुमार पर पड़ती है, वो भावुक हो जाते है. ना दायें-ना बाएं उनकी आंखे बस टक-टक नीतीश को निहारती रहती है. इस इंतजार में कि नजरे मिल जाए और प्रोटोकॉल टूट जाए. पर दर्शक दीर्घा और मंच के बीच की दूरी में ऐसा हो न सका. या होने दिया नहीं गया. 

दरअसल पटना में पटेल नवजागरण न्यास द्वारा आयोजित सरस्वती बसंत पटेल अतिथिशाला के भूमि पूजन एवं शिलान्यास कार्यक्रम में सीएम नीतीश कुमार शामिल हुए. इस दौरान सत्तापक्ष के कुर्मी विधायकों-सांसद, बुद्धिजीवी वर्ग का महाजुटान हुआ. इस कार्यक्रम में जेडीयू के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सह केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह भी पहुंचे. आरसीपी सिंह मंच पर तो नहीं गए. दर्शक दीर्घा में सबसे आगे बैठकर कार्यक्रम संपन्न होने तक रूके. 

10 मिनट के लिए रूके मुख्यमंत्री

नीतीश कुमार करीब 10 मिनट के लिए इस कार्यक्रम में आते हैं और रिमोट के जरिए अतिथिशाला का शिलान्यास करते हैं. इस दौरान आरसीपी सिंह का चेहरा देखने लायक रहा. उनका हावभाव बिलकुल शांत हो गया. आंखें बस नीतीश कुमार पर जमी रही. मानो अंदर ही अंदर कुछ कहना चाह रही हो या फिर कुछ पुरानी याद आ रही हो. वहां उपस्थिति कुर्मी समाज के लोगों को तब लग रहा था कि नीतीश कुमार और आरसीपी सिंह का मिलन आज हो जाएगा. पर ऐसा हो न सका. 

वक्त ने नहीं दिया साथ


असल में नीतीश आए दीप प्रज्ज्वलित करने के लिए रिमोट दबाया और चले गए. उनका भाषण भी कार्यक्रम में नहीं हुआ. नीतीश कुमार और आरसीपी सिंह का मिलन होते-होते रह गया. इसमें दोष किसी का नहीं है. दोष वक्त का है. जो अभी आरसीपी सिंह के साथ नहीं है.   

कुर्मी समाज की चाहत – साथ हों नीतीश-आरसीपी

आरसीपी सिंह ने जब से जेडीयू में आने की इच्छा जाहिर की है. तब से नालंदा से लेकर पटना तक कुर्मी समाज के लोग उनके साथ लग गए हैं. कि जेडीयू में कैसे भी आरसीपी सिंह की एंट्री हो जाए. पर जेडीयू सांसद ललन सिंह ने ब्रेक लगा रखा है. इसलिए एंट्री अटकी पड़ी है. 

दरअसल कुर्मी समाज को ये लगता है कि उनकी पकड़ सत्ता पर कमजोर हो चली है. आरसीपी सिंह आते हैं, तो पुराने दिन फिर से आ जाएंगे. यही वजह है कि अभी जो लोग आरसीपी सिंह को पसंद नहीं भी करते हैं, वो गिले-शिकवे को भूलकर उन्हें जेडीयू में लाने में लगे है. कामयाबी कबतक हाथ लगेगी ये अभी कहा नहीं जा सकता है. 

हम तो आ ही गए हैं...

कार्यक्रम खत्म होने के बाद आरसीपी सिंह से न्यूज4नेशन के संवाददाता देवांशु किशोर प्रभात ने पूछा कि आप जेडीयू में कब तक आएंगे ?, जवाब- हम तो आ ही ना गए हैं, हमारे तरफ से कोई देरी नहीं है. 

गौरतलब है कि पटेल नवजागरण न्यास के द्वारा पटना के निसरपुरा में पटेल अतिथिशाला बनाया जा रहा है. अतिथिशाला के लिए जमीन भी निजी व्यक्ति ने दिया है. इस अतिथिशाला में कुर्मी समाज के लोग आकर कम दाम में रह सकते हैं. पटेल अतिथिशाला के शिलान्यास कार्यक्रम में पहली बार सत्तापक्ष के कुर्मी नेताओं का इतना बड़ा जुटान हुआ है. 

मंच पर सीएम नीतीश कुमार के साथ नालंदा के जेडीयू सांसद कौशलेंद्र कुमार, नालंदा के विधायक सह ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, करगहर के जेडीयू विधायक बशिष्ठ सिंह, इस्लामपुर के जेडीयू विधायक रुहैल रंजन, कहलगांव के जेडीयू विधायक शुभानंद मुकेश, अमनौर के बीजेपी विधायक कृष्ण कुमार मंटू, जेडीयू के राष्ट्रीय महासचिव मनीष कुमार वर्मा समेत कई लोग मौजूद रहे.

रिपोर्ट - देबांशु प्रभात