बिहार विधान परिषद में अपराध और भ्रष्टाचार पर तीखी बहस, सत्ता–विपक्ष आमने-सामने, नीरज-सम्राट के निशाने पर लालू-राबड़ी राज
Bihar Vidhan Parishad : बिहार विधान परिषद में सोमवार को अपराध, भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था को लेकर जोरदार बहस देखने को मिली। राज्य में बढ़ते अपराध को लेकर विपक्ष के हमलों पर सत्ताधारी दल जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने कड़ा पलटवार किया। सदन में दोनों पक्षों के बीच तीखा टकराव हुआ। जदयू के एमएलसी नीरज कुमार ने विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि यदि उन्हें अपराध के आंकड़ों पर सवाल उठाने हैं तो “दानापुर के दुलरुवा से पूछ लेते, जो भागलपुर जेल गए हैं।” उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष सदन में गलत और भ्रामक आंकड़े पेश कर रहा है। नीरज कुमार ने चेतावनी दी कि इस तरह गलत आंकड़े देने वालों को शो-कॉज नोटिस भेजा जाएगा।
विपक्ष ने आरोप लगाया कि बिहार में बेटियों के खिलाफ अपराध के मामले बढ़े हैं। इस पर नीरज कुमार ने जवाब देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के कार्यकाल में महिला सशक्तिकरण और सुरक्षा के लिए कई प्रभावी योजनाएं लागू की गई हैं।
नीरज कुमार ने बिना किसी का नाम लिए विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि “जिस सांसद पर 71 मुकदमे दर्ज हैं, वही आज अपराध पर प्रवचन दे रहे हैं।” इसके साथ ही उन्होंने एक बार फिर राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की जमीन से जुड़े मामलों की जांच की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि यदि जांच में कोई दोष सिद्ध होता है तो उस जमीन का उपयोग स्कूल-कॉलेज खोलने जैसे जनहित के कार्यों में किया जा सकता है।
इस पूरे मुद्दे पर सदन में काफी देर तक हंगामे और नोकझोंक का माहौल रहा। अपराध और भ्रष्टाचार के सवाल पर सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी बयानबाजी से विधान परिषद का माहौल गर्माया रहा। वहीं सदन में गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य में कानून व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार का पक्ष रखा। वर्ष 2005 के बाद राज्य में पुलिस में महिलाओं का प्रतिनिधित्व, आधुनिक पुलिसिंग, वाहनों और ढांचागत निर्माण में बढ़ोत्तरी, तकनीक और प्रद्योगिकी का बढ़ता इस्तेमाल, अपराध पर त्वरित कार्रवाई का विस्तार से आंकड़ा पेश किया.