सीआरपीएफ का बड़ा एक्शन: सोंडाहा की गुफा से पाइप बम और आईईडी बरामद, नक्सलियों की साजिश नाकाम
गया जिले के सोंडाहा क्षेत्र में सुरक्षा बलों ने नक्सलियों की एक बड़ी साजिश को नाकाम करते हुए भारी मात्रा में विस्फोटक और हथियार बरामद किए हैं। सीआरपीएफ की इस त्वरित कार्रवाई से इलाके में किसी बड़ी संभावित घटना को टलने की उम्मीद जताई जा रही है।
Gayaji - गया जिले के लुतुआ थाना क्षेत्र अंतर्गत मोहराव गांव के पास पहाड़ियों में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना पर सीआरपीएफ ने विशेष अभियान चलाया । 47 बटालियन सीआरपीएफ "डी" कंपनी ने विशेष सर्च एंड डेस्ट्रॉय ऑपरेशन (SADO Ops) के तहत सोंडाहा कैंप से लगभग 7.3 किलोमीटर पश्चिम स्थित एक गुफा में छापेमारी की । सुबह करीब 11:10 बजे सुरक्षा बलों को नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखा गया हथियारों और विस्फोटकों का जखीरा मिला ।
बरामद सामग्री की सूची
सहायक कमांडेंट राजेश कुमार मौर्य के नेतृत्व में चलाए गए इस ऑपरेशन में निम्नलिखित सामग्री बरामद की गई, जिसमें 2.5 किलोग्राम का एक आईईडी (IED) और तीन शक्तिशाली पाइप बम ।पांच जिंदा कारतूस । बैटरी, इलेक्ट्रिक वायर और गैस लाइटर ।नक्सली वर्दी (पैंट), दवाइयां, कंबल और सर्फ पाउडर जैसे दैनिक उपयोग के सामान शामिल हैं ।
मौके पर ही विस्फोटकों का नष्टिकरण
खतरे की गंभीरता को देखते हुए बम निरोधक दस्ते को तुरंत मौके पर बुलाया गया । दोपहर करीब 12:45 बजे बरामद आईईडी और तीनों पाइप बमों को सुरक्षित तरीके से जंगल में ही नष्ट कर दिया गया । विस्फोटकों को नष्ट करने के बाद सुरक्षा बलों ने आसपास के इलाकों में घंटों सघन तलाशी अभियान चलाया ताकि कोई अन्य छिपा हुआ खतरा न रहे ।
बड़ी साजिश को किया नाकाम
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि बरामद किए गए आईईडी और पाइप बमों का इस्तेमाल नक्सली आगामी चुनाव या किसी बड़े प्रशासनिक कार्यक्रम को निशाना बनाने के लिए कर सकते थे । समय रहते की गई इस कार्रवाई से सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया है । यह ऑपरेशन सुरक्षा बलों के लिए एक बड़ी मनोवैज्ञानिक जीत मानी जा रही है।
क्षेत्र में सुरक्षा घेरा सख्त
इस बरामदगी के बाद सोंडाहा और लुतुआ के सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था और सतर्कता काफी बढ़ा दी गई है । सीआरपीएफ और स्थानीय पुलिस द्वारा लगातार गश्त की जा रही है । गौरतलब है कि बिहार में आगामी जनगणना 2027 को लेकर भी तैयारियां शुरू हो चुकी हैं, जिसमें सुरक्षा व्यवस्था एक बड़ी चुनौती है । ऐसे में इस तरह के ऑपरेशंस से नक्सली गतिविधियों पर लगाम लगने की उम्मीद है।