जेंडर रिस्पॉन्सिव पुलिसिंग विषय पर एक दिवसीय संवर्द्धन कार्यक्रम का आयोजन, ADG के० सुहिता अनुपम ने पुलिस अधिकारियों से की यह अपील
Patna : बिहार पुलिस मुख्यालय स्थित सरदार पटेल भवन के सभागार में 06 अक्टूबर 2026 को 'जेंडर रिस्पॉन्सिव पुलिसिंग' (Gender Responsive Policing) विषय पर एक दिवसीय क्षमता संवर्द्धन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पुलिस अधिकारियों को लैंगिक संवेदनशीलता, महिलाओं, बालिकाओं एवं ट्रांसजेंडर समुदाय से जुड़े मामलों में संवेदनशील, निष्पक्ष एवं प्रभावी पुलिसिंग के प्रति जागरूक तथा सक्षम बनाना था।
अपर पुलिस महानिदेशक के० सुहिता अनुपम ने किया उद्घाटन
कार्यक्रम का शुभारंभ कमजोर वर्ग (अपराध अनुसंधान विभाग, बिहार) की अपर पुलिस महानिदेशक के० सुहिता अनुपम ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। अपने उद्घाटन भाषण में उन्होंने जेंडर रिस्पॉन्सिव पुलिसिंग की आवश्यकता तथा पुलिस व्यवस्था में लैंगिक संवेदनशीलता को सुदृढ़ करने के महत्व पर बल दिया। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से आह्वान किया कि वे महिलाओं और बालिकाओं की शिकायतों में संवेदनशील, निष्पक्ष और पीड़ित-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाएं।
विशेषज्ञों और अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में स्वागत भाषण गरिमा (पुलिस अधीक्षक, कमजोर वर्ग) ने दिया। इस अवसर पर UNFPA बिहार के कार्यालय प्रमुख ख्वाजा सादत नूर, जेंडर रिसोर्स सेंटर CNLU की निदेशक डॉ. आयुषी दुबे, चाणक्य विधि विश्वविद्यालय (CNLU) के सहायक प्राध्यापक डॉ. अमित जैन, इलाहाबाद उच्च न्यायालय (लखनऊ खंडपीठ) की अधिवक्ता अंचल गुप्ता सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। वक्ताओं ने जेंडर आधारित हिंसा रोकने और जेंडर संवेदनशीलता को संस्थागत रूप देने पर विचार व्यक्त किए।
प्रशिक्षक एवं चर्चा के मुख्य विषय
कार्यक्रम में विषय विशेषज्ञ एवं रिसोर्स पर्सन्स के रूप में डॉ. अमित जैन, अंकित मैकवान और अंचल गुप्ता द्वारा तकनीकी व व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इस दौरान जेंडर संवेदनशील पुलिसिंग, महिलाओं से संबंधित कानून एवं प्रक्रियाएं, पुलिस की भूमिका तथा मामलों के प्रति उत्तरदायी प्रतिक्रिया जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा हुई।
राज्य के सभी महिला थानों के SHOs और पुलिस अधिकारियों ने लिया भाग
इस एक दिवसीय क्षमता संवर्द्धन कार्यक्रम में बिहार के सभी जिलों के महिला थानों के थानाध्यक्ष (SHOs) तथा प्रत्येक जिले से एक-एक महिला पुलिस अधिकारी ने भाग लिया। उपस्थित पुलिस पदाधिकारियों ने जेंडर रिस्पॉन्सिव पुलिसिंग से जुड़े अपने अनुभव साझा किए और प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान को अपने-अपने कार्यक्षेत्र में लागू करने की प्रतिबद्धता जताई।
रंजीत की रिपोर्ट