Bihar Politics : मतदाता सूची पुनरीक्षण पर विपक्ष फैला रहा भ्रम, मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन ने राजद पर किया बड़ा हमला
Bihar Politics : एसआईआर को लेकर मंत्री संतोष सुमन ने कहा कि विपक्ष इस पूरी प्रक्रिया को लेकर जनता के बीच भ्रम फैलाने का घिनौना काम कर रहा है....पढ़िए आगे
PATNA : हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (से.) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संतोष कुमार सुमन ने कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर राजद सहित पूरा विपक्ष जनता के बीच भ्रम फैलाने का काम कर रहा है। लोकतंत्र की मजबूती के लिए शुद्ध, पारदर्शी और त्रुटिरहित मतदाता सूची आवश्यक है, लेकिन विपक्ष को इस प्रक्रिया से परेशानी इसलिए है क्योंकि इससे फर्जी, डुप्लिकेट, मृत अथवा अपात्र मतदाताओं की पहचान हो रही है।
डॉ. सुमन ने कहा कि विपक्ष यह तर्क दे रहा है कि यदि लाखों नामों में से कुछ हजार पात्र मतदाताओं के नाम गलती से हट गए, तो यह लोकतंत्र के लिए खतरा है। यदि ऐसा हुआ है तो निश्चित रूप से ऐसे प्रत्येक पात्र मतदाता का नाम नियमानुसार पुनः जोड़ा जाना चाहिए। लेकिन क्या इस आधार पर उन लाखों संदिग्ध नामों को भी बनाए रखा जाए, जो सत्यापन में अपात्र पाए जा रहे हैं? कुछ संभावित त्रुटियों का हवाला देकर लाखों संदिग्ध नामों की जांच और शुद्धिकरण का विरोध करना लोकतंत्र के साथ न्याय नहीं, बल्कि अन्याय है।
उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग एक स्वतंत्र एवं संवैधानिक संस्था है, जो संविधान और कानून के दायरे में रहकर कार्य करती है। आयोग ने दावा-आपत्ति और पुनः नाम जोड़ने की पूरी व्यवस्था उपलब्ध कराई है। जिनका नाम किसी कारणवश छूटा है, उन्हें अपना पक्ष रखने और नाम पुनः जुड़वाने का पूरा अवसर मिलेगा। इसलिए यह कहना कि एक बार नाम हट गया तो मतदाता का अधिकार हमेशा के लिए समाप्त हो गया, पूरी तरह भ्रामक और तथ्यहीन है।
डॉ. सुमन ने कहा कि राजद सहित पूरा विपक्ष चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की विश्वसनीयता पर सवाल उठाकर लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास कर रहा है। यदि उन्हें वास्तव में लोकतंत्र की चिंता है, तो उन्हें मतदाता सूची को शुद्ध और विश्वसनीय बनाने के प्रयासों का समर्थन करना चाहिए, न कि फर्जी, डुप्लिकेट और अपात्र प्रविष्टियों के बचाव में खड़ा होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जनता समझ चुकी है कि विपक्ष का यह विरोध लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए नहीं, बल्कि अपने राजनीतिक हितों की रक्षा के लिए है। स्वतंत्र, निष्पक्ष और विश्वसनीय चुनाव की पहली शर्त शुद्ध मतदाता सूची है। हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (से.) चुनाव आयोग द्वारा कानून के अनुरूप चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान का पूर्ण समर्थन करती है और सभी पात्र मतदाताओं से अपील करती है कि वे निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अपने दस्तावेज उपलब्ध कराकर लोकतांत्रिक व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाने में सहयोग करें।