पटना के अगमकुआं लैब को मिली NABL मान्यता, खाद्य सुरक्षा जांच को मिलेगी नई मजबूती

Patna : बिहार सरकार ने राज्य के नागरिकों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। पटना के अगमकुआं स्थित 'संयुक्त खाद्य एवं औषधि प्रयोगशाला' (Combined Food & Drug Laboratory) को NABL द्वारा ISO/IEC 17025:2017 के तहत अगले 2 वर्षों के लिए परीक्षण (Testing) के क्षेत्र में आधिकारिक मान्यता प्रदान की गई है। इस मान्यता से राज्य में वैज्ञानिक और मानकीकृत जांच व्यवस्था को अभूतपूर्व मजबूती मिलेगी।


114 परीक्षण मानकों पर होगी FSSAI अनुरूप जांच

मान्यता प्राप्त कार्यक्षेत्र (Scope) के अनुसार, इस प्रयोगशाला में खाद्य पदार्थों से संबंधित कुल 114 परीक्षण प्रविष्टियां शामिल की गई हैं। इनमें 29 जैविक (Biological) तथा 85 रासायनिक (Chemical) परीक्षण शामिल हैं। यह सभी जांच भारतीय मानकों और FSSAI द्वारा निर्धारित वैज्ञानिक परीक्षण विधियों के अनुरूप दूध, फल, मसाले, अनाज, पेय पदार्थ और खाद्य तेलों के लिए संचालित की जाएंगी।


मिलावट की रोकथाम पर विशेष फोकस

प्रयोगशाला के NABL Scope में मिलावटी सामानों की रोकथाम के लिए कई कड़े मानक तय किए गए हैं। तरल दूध और दुग्ध उत्पादों में फॉर्मेलिन, हाइड्रोजन पेरोक्साइड, चीनी, स्टार्च, यूरिया, डिटर्जेंट और न्यूट्रलाइजर्स जैसे एडल्ट्रेंट्स की जांच की व्यवस्था है। इसके अलावा खाद्य तेलों में एसिड वैल्यू, आयोडीन वैल्यू, अर्जिमोन तेल की मौजूदगी तथा दालों व मसालों में कृत्रिम रंगों की जांच भी इस दायरे में शामिल है।


नागरिकों का स्वास्थ्य सरकार की प्राथमिकता: स्वास्थ्य मंत्री

स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने कहा कि नागरिकों को शुद्ध खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अगमकुआं लैब को NABL मान्यता मिलना वैज्ञानिक जांच व्यवस्था को सुदृढ़ करने वाला एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने बताया कि मिलावटखोरी रोकने और प्रभावी निगरानी के जरिए आम जनता के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह व्यवस्था मील का पत्थर साबित होगी।


राज्यभर में विशेष जांच अभियान जारी, 280 से अधिक नमूने जांच को भेजे गए

खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत 5 सितंबर 2026 तक विभिन्न खाद्य उत्पादों के सैकड़ों नमूने प्रयोगशाला भेजे गए हैं। इनमें दूध एवं दुग्ध उत्पादों के 92, मिठाई के 68, अनाज व दाल के 56, मसाले व सॉस के 34, पेय पदार्थों के 18 तथा खाद्य तेल व स्ट्रीट फूड के 10-10 नमूने शामिल हैं। ऑन-स्पॉट जांच के दौरान खराब व अमानक पाए जाने वाले खोया और पनीर को तत्काल नष्ट भी कराया जा रहा है।


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