Patna Airport: पटना एयरपोर्ट को नए साल में मिलेगी बड़ी उड़ान, 3 नए एयरोब्रिज से यात्रियों को मिलेगी फाइव-स्टार सुविधा, पूर्वी भारत की खास कतार में शामिल होगा पटना
Patna Airport: नए साल की शुरुआत के साथ ही पटना एयरपोर्ट यात्रियों के लिए सहूलियत, रफ्तार और सुकून की बड़ी सौगात लेकर आया है।
Patna Airport: नए साल की शुरुआत के साथ ही पटना एयरपोर्ट यात्रियों के लिए सहूलियत, रफ्तार और सुकून की बड़ी सौगात लेकर आ रहा है। जनवरी महीने में यहां तीन नए एयरोब्रिज चालू होने जा रहे हैं, जिससे हवाई सफर का तजुर्बा पहले से कहीं ज्यादा आसान और आरामदेह हो जाएगा। इसके साथ ही पटना एयरपोर्ट देश के उन चुनिंदा हवाई अड्डों में शामिल हो जाएगा, जहां एक साथ पांच एयरोब्रिज की सुविधा उपलब्ध होगी। पूर्वी भारत में यह अपनी तरह का तीसरा एयरपोर्ट होगा, जो पटना की बढ़ती अहमियत को साफ बयां करता है।
अब तक एयरोब्रिज की सीमित संख्या के कारण यात्रियों को विमान तक पहुंचने के लिए बस या पैदल चलना पड़ता था। यह सफर बुजुर्गों, दिव्यांगों और बच्चों के साथ यात्रा करने वालों के लिए खासा परेशानी भरा साबित होता था। लेकिन तीन नए एयरोब्रिज शुरू होते ही यह दिक्कतें काफी हद तक इतिहास बन जाएंगी। अब यात्री सीधे टर्मिनल से विमान और विमान से टर्मिनल तक बिना किसी झंझट के पहुंच सकेंगे।
एयरपोर्ट प्रशासन के मुताबिक, नए एयरोब्रिज गेट नंबर 11, 12 और 12-ए पर लगाए जा रहे हैं। इससे पहले एप्रन क्षेत्र में चार डिस्पर्सल गेट विकसित किए गए थे। गेट नंबर 7 पर पहले ही लोडिंग शुरू हो चुकी है, जबकि गेट नंबर 10 पर ट्रायल सफल रहा है। अब बाकी गेटों को भी एयरोब्रिज से जोड़कर विमान संचालन और यात्रियों की आवाजाही को और स्मूद किया जा रहा है।
नए एयरोब्रिज से यात्रियों का समय भी बचेगा। अनुमान है कि अब महज 2 से 3 मिनट में यात्री विमान से टर्मिनल तक पहुंच सकेंगे। पहले सुरक्षा जांच के बाद बस से एप्रन तक ले जाने में काफी समय और ऊर्जा खर्च होती थी, लेकिन अब यह प्रक्रिया तेज और आरामदेह हो जाएगी।
पांच एयरोब्रिज के साथ पटना एयरपोर्ट अब कोलकाता और भुवनेश्वर जैसे बड़े हवाई अड्डों की कतार में खड़ा नजर आएगा। लगातार बढ़ रही यात्रियों की संख्या को देखते हुए यह कदम बेहद अहम माना जा रहा है। प्रशासन का मानना है कि यह सिर्फ सुविधा का विस्तार नहीं, बल्कि पटना को भविष्य की हवाई जरूरतों के लिए तैयार करने की मजबूत बुनियाद है, जिसका सीधा फायदा बिहार के यात्रियों, पर्यटन और राज्य की अर्थव्यवस्था को मिलेगा।