Airport Development: बिहार के एयरपोर्ट होंगे चकाचक, पीछे छूटे गुजरात-महाराष्ट्र, इंटरनेशनल फ्लाइट करेगा पैसों की बरसात, कौन सा हवाई अड्डा है आपके घर के पास?

Airport Development: बिहार में हवाई सेवा का जाल मजबूत करने के मकसद से सरकार एयरपोर्ट के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है. केंद्र सरकार ने सात हवाई अड्डों के विकास के लिए 190 करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं।

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बिहार के एयरपोर्ट होंगे चकाचक- फोटो : social Media

Airport Development: बिहार के सातों हवाई अड्डे को आधुनिक किया जाएगा। इसके लिए केंद्र सरकार ने 190 करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं।उड़ान (उड़े देश का आम नागरिक) योजना के तहत भारत सरकार छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों को हवाई नेटवर्क से जोड़ना है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य सस्ती हवाई यात्रा प्रदान करना और देश के दूरदराज़ क्षेत्रों में हवाई संपर्क को बढ़ावा देना हैाहाल ही में, बिहार राज्य के सात हवाई अड्डों के विकास के लिए 190 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। यह कदम राज्य में क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करने और आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करने के लिए उठाया गया है।

बिहार में सात हवाई अड्डों का विकास के लिए केंद्र सरकार ने 190 करोड़ रुपए सेंशन किए हैं। पटना (जयप्रकाश नारायण अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा): यह बिहार का प्रमुख हवाई अड्डा है और पहले से ही व्यस्ततम एयरपोर्ट्स में से एक है। इसके विस्तार और आधुनिकीकरण पर ध्यान दिया जाएगा।

गया (महाबोधि एयरपोर्ट): गया एक अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल है, विशेष रूप से बौद्ध धर्म अनुयायियों के लिए। यहां बेहतर सुविधाएं विकसित की जाएंगी ताकि पर्यटकों की संख्या बढ़ सके।

दरभंगा एयरपोर्ट: हाल ही में शुरू हुआ यह एयरपोर्ट तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। इसे और अधिक उड़ानों तथा यात्रियों को संभालने के लिए तैयार किया जाएगा।

भागलपुर एयरपोर्ट: भागलपुर एक महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्र है। यहां नए टर्मिनल भवन और रनवे विस्तार जैसे कार्य किए जाएंगे।

पूर्णिया एयरपोर्ट: पूर्णिया क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के लिए महत्वपूर्ण स्थान रखता है। इसका पुनर्विकास प्राथमिकता पर होगा।

मुजफ्फरपुर एयरपोर्ट: मुजफ्फरपुर अपने औद्योगिक महत्व और ऐतिहासिक धरोहरों के कारण जाना जाता है। यहां भी आधारभूत संरचना का विकास होगा।

बेगूसराय एयरपोर्ट: बेगूसराय औद्योगिक गतिविधियों का केंद्र बन रहा है, इसलिए इसका उन्नयन आवश्यक माना जा रहा है।

190 करोड़ रुपये की राशि का उपयोग हवाई पट्टी (Runway) का विस्तार: बड़े विमानों की लैंडिंग सुनिश्चित करने हेतु,नए टर्मिनल भवन: यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के लिए,आधुनिक सुरक्षा उपकरण स्थापित करना, नेविगेशन सिस्टम और अन्य तकनीकी सुधार के लिए किया जाएगा। इसका उपयोग  गया जैसे धार्मिक स्थलों पर सुविधाओं को उन्नत करने में भी होगा।

उड़ान योजना से बेहतर कनेक्टिविटी से व्यापार एवं निवेश बढ़ेगा साथ हीं घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी। इसके साथ हीं छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों तक पहुंच आसान होगी तो निर्माण कार्यों और संचालन से स्थानीय स्तर पर रोजगार भी मिलेगा


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