Patna Crime:कार्रवाई न होने से नाराज थाने में महिला शिक्षिका ने काटी हाथ की नस, पुलिस पर लगाया गंभीर आरोप
पटना के अथमलगोला थाने में पुलिस कार्रवाई न होने से नाराज महिला शिक्षिका ने हाथ की नस काटकर आत्महत्या का प्रयास किया। अर्धसैनिक बल के जवान पर शादी का झांसा देकर संबंध बनाने का आरोप। एसडीपीओ के हस्तक्षेप के बाद पुलिस हुई सक्रिय।
पटना जिले के अथमलगोला थाने में एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ पुलिसिया कार्रवाई से असंतुष्ट एक महिला शिक्षिका ने थाना परिसर के भीतर ही अपने हाथ की नस काटकर आत्महत्या करने की कोशिश की। महिला का आरोप है कि एक युवक ने उसे शादी का झांसा देकर लंबे समय तक उसका शारीरिक शोषण किया और अब अपने वादे से मुकर गया है। इस खौफनाक कदम के बाद थाना परिसर में अफरा-तफरी मच गई और मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए तुरंत शिक्षिका को संभाला और गंभीर अनहोनी होने से बचाया।
अर्धसैनिक बल के जवान पर यौन शोषण का आरोप, दो बार आवेदन देने पर भी नहीं हुई FIR
पीड़ित महिला शिक्षिका के अनुसार, आरोपी युवक अथमलगोला थाना क्षेत्र का ही रहने वाला है और वर्तमान में अर्धसैनिक बल में अपनी सेवाएं दे रहा है। युवक ने शादी का पक्का भरोसा देकर उसके साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए, लेकिन बाद में उसने शादी करने से साफ इनकार कर दिया। महिला का गंभीर आरोप है कि उसने इस धोखेबाजी के खिलाफ अथमलगोला थाने में दो बार लिखित शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और कोई प्राथमिकी (FIR) दर्ज नहीं की। पुलिस की इसी टालमटोल नीति से तंग आकर उसने आत्मघाती कदम उठाया।
आरोपी जवान ने आरोपों को नकारा, कहा- जबरन बनाया जा रहा शादी का दबाव
एक तरफ जहाँ शिक्षिका न्याय के लिए अपनी जान दांव पर लगाने को मजबूर हुई, वहीं दूसरी ओर आरोपी युवक ने महिला द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह सिरे से खारिज कर दिया है। युवक का कहना है कि महिला के दावे पूरी तरह झूठे और निराधार हैं। उसका आरोप है कि शिक्षिका उस पर जबरन शादी करने का दबाव बना रही है और उसे फंसाने की साजिश रच रही है। दोनों पक्षों के बीच के इस विवाद ने अब कानूनी मोड़ ले लिया है।
थानाध्यक्ष की चुप्पी, एसडीपीओ के हस्तक्षेप के बाद हरकत में आई पुलिस
थाना परिसर में हुए इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद पीड़ित महिला ने अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) से मिलकर न्याय की गुहार लगाई। एसडीपीओ के कड़े हस्तक्षेप और निर्देश के बाद आखिरकार स्थानीय पुलिस की नींद खुली और मामले में सक्रियता दिखाई गई। हालांकि, इस पूरे संवेदनशील घटनाक्रम पर अथमलगोला थानाध्यक्ष की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन पुलिस प्रशासन का कहना है कि दोनों पक्षों के दावों की गहनता से जांच की जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर जल्द ही आगे की उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।