पटना-बरौनी रेल खंड पर ओएचई तार टूटने से रेल परिचालन ठप, मौर्य, नमो भारत सहित दर्जनों ट्रेनें घंटों लेट, भीषण गर्मी में भूखे-प्यासे परेशान हुए यात्री

हथिदह अपर और राजेंद्र पुल स्टेशन के बीच ओवरहेड इलेक्ट्रिक (OHE) तार टूट जाने से बुधवार को पटना-बरौनी रेल खंड पर दर्जनों ट्रेनों का परिचालन प्रभावित हुआ.

Patna-Baruni Rail Line Disrupted - फोटो : news4nation

Rail News : पूर्व मध्य रेलवे के दानापुर रेल मंडल में बुधवार सुबह रेल परिचालन उस समय बुरी तरह प्रभावित हो गया जब हथिदह अपर और राजेंद्र पुल स्टेशन के बीच ओवरहेड इलेक्ट्रिक (OHE) तार टूट गया। इस तकनीकी खराबी के कारण मौर्य एक्सप्रेस, नमो रैपिड रेल सहित दर्जनों ट्रेनों का संचालन बाधित हो गया और कई ट्रेनें घंटों तक विभिन्न स्टेशनों पर खड़ी रहीं।


रेल अधिकारियों के अनुसार, ट्रेन संख्या 15027 संबलपुर–गोरखपुर मौर्य एक्सप्रेस सुबह करीब 8:50 बजे हथिदह ऊपरी स्टेशन से गुजर रही थी, तभी लोको पायलट ने ओएचई तार टूटने की सूचना दी। इसके बाद ट्रेन को बीच पुल पर ही रोकना पड़ा, जिससे यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। सूचना मिलते ही मोकामा से तकनीकी टीम को विशेष रेल वाहन के जरिए मौके पर भेजा गया। करीब ढाई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद बिजली आपूर्ति बहाल की जा सकी और ट्रेनों का संचालन फिर से शुरू हुआ। मौर्य एक्सप्रेस लगभग 11:49 बजे आगे के लिए रवाना हो सकी।


इसी दौरान जयनगर–पटना नमो रैपिड रेल भी करीब 9 बजे से राजेंद्र पुल स्टेशन पर खड़ी रही और दोपहर 12:03 बजे मोकामा से आगे बढ़ सकी। इसके अलावा सहरसा–पटना राज्यरानी एक्सप्रेस, कमला गंगा एक्सप्रेस, कटिहार एक्सप्रेस और राजेंद्र नगर–सहरसा एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनें प्रभावित रहीं। बरौनी, मोकामा और किऊल के बीच विभिन्न स्टेशनों पर कई ट्रेनें दो से तीन घंटे तक खड़ी रहीं।


 यह रेलखंड पटना–हावड़ा मेन लाइन और पटना–गुवाहाटी रूट का अहम हिस्सा है। इस मार्ग पर रेल परिचालन बाधित होने से न केवल बिहार बल्कि पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत की लंबी दूरी की ट्रेनों पर भी असर पड़ा। कई ट्रेनों की समय-सारिणी पूरी तरह बिगड़ गई, जिससे सैकड़ों यात्रियों को भीषण गर्मी में घंटों परेशान रहना पड़ा। कुछ यात्रियों ने अपनी यात्रा रद्द कर दी, जबकि कई यात्रियों को मजबूरी में पटना तक का सफर सड़क मार्ग से करना पड़ा। दोपहर 12 बजे के बाद भी बरौनी–मोकामा और बरौनी–किऊल रेलखंड पर ट्रेनों का संचालन पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाया था।

रेल प्रशासन ने कहा है कि तकनीकी खामी की जांच की जा रही है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।