Patna Beur Jail: बेऊर जेल में भ्रष्टाचार पर बड़ा प्रहार, उपाधीक्षकों समेत 4 अधिकारियों का तबादला, पूर्णिया-समस्तीपुर समेत कई जेलों से बुलाए गए अफसर
द्रीय कारा, पूर्णिया में पदस्थापित उपाधीक्षक सुधीर कुमार शर्मा का स्थानांतरण कर उन्हें आदर्श केंद्रीय कारा, बेऊर में तैनात किया गया है। ..
Patna Beur Jail: आदर्श केंद्रीय कारा, बेऊर में सामने आए कथित भ्रष्टाचार, अव्यवस्था और बंदियों से अवैध वसूली के गंभीर आरोपों के बाद कारा एवं सुधार सेवाएं विभाग ने बड़ा प्रशासनिक एक्शन लिया है। जेल प्रशासन में पारदर्शिता और अनुशासन बहाल करने के उद्देश्य से कई अधिकारियों का तबादला किया गया है, जबकि जेल अधीक्षक नीरज कुमार झा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद कारा महकमे में हलचल तेज हो गई है।कारा विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार केंद्रीय कारा, पूर्णिया में पदस्थापित उपाधीक्षक सुधीर कुमार शर्मा का स्थानांतरण कर उन्हें आदर्श केंद्रीय कारा, बेऊर में तैनात किया गया है। इसके अलावा तीन सहायक अधीक्षकों को भी बेऊर जेल भेजा गया है। मंडल कारा, समस्तीपुर की ज्योति कुमारी, मंडल कारा, मधुबनी के राजीव रंजन तथा उपकारा, शेरघाटी के प्रियतम प्रियदर्शी को स्थानांतरित कर बेऊर जेल में सहायक अधीक्षक के पद पर पदस्थापित किया गया है।
विभाग ने सभी स्थानांतरित अधिकारियों को तत्काल नए पदस्थापन स्थल पर योगदान देने का निर्देश दिया है। आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि यह फैसला प्रशासनिक जरूरत और जेल प्रबंधन को अधिक प्रभावी एवं जवाबदेह बनाने के मकसद से लिया गया है।
बता दें बीते दिनों कारा प्रशासन और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने बेऊर जेल में व्यापक छापेमारी अभियान चलाया था। इस कार्रवाई के दौरान कई गंभीर शिकायतों की जांच की गई। बंदियों द्वारा लगाए गए आरोपों में कहा गया था कि जेल के भीतर सुविधा उपलब्ध कराने के नाम पर अवैध उगाही की जा रही थी। आरोप यह भी था कि जो बंदी निर्धारित रकम नहीं देते थे, उन्हें प्रताड़ित कर सेल में बंद कर दिया जाता था।
शिकायतों में जेल परिसर के भीतर अवैध रूप से निजी मेस संचालित किए जाने का भी जिक्र था। आरोपों के मुताबिक बंदियों को बाजार मूल्य से कई गुना अधिक दर पर खाद्य सामग्री बेची जा रही थी। बताया गया कि 800 मिलीलीटर सरसों तेल के लिए 500 रुपये और एक किलो सब्जी के लिए 200 रुपये तक वसूले जा रहे थे। इन आरोपों ने जेल प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
सूत्रों के अनुसार जेल अधीक्षक नीरज कुमार झा पर जेल के भीतर संगठित नेटवर्क संचालित करने और अनियमितताओं को संरक्षण देने के आरोप लगे थे। प्रारंभिक जांच और छापेमारी के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए निलंबन का आदेश जारी किया गया।
कारा विभाग की इस कार्रवाई को जेल प्रशासन में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार और अवैध गतिविधियों पर बड़ी चोट माना जा रहा है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच में और कौन-कौन से खुलासे सामने आते हैं तथा दोषियों के खिलाफ आगे क्या कानूनी कार्रवाई की जाती है।
रिपोर्ट- रंजीत कुमार