Bihar sand mafia: अवैध बालू से लदे ट्रक ने DSP की गाड़ी को मारी टक्कर, वरिष्ठ अधिकारी बाल-बाल बचे

Bihar sand mafia: पटना के बिहटा में अवैध बालू से लदे ट्रक ने DSP की सरकारी गाड़ी को टक्कर मार दी। हादसे में अधिकारी बाल-बाल बचे। घटना ने बालू माफिया और अवैध खनन पर सवाल खड़े किए।

अवैध बालू से लदे ट्रक मारी टक्कर- फोटो : social media

Bihar sand mafia: बिहार की राजधानी पटना में अवैध बालू खनन से जुड़ा खतरा एक बार फिर सामने आया है। बिहटा इलाके में रेत से लदे एक तेज रफ्तार ट्रक ने पुलिस की सरकारी गाड़ी को टक्कर मार दी। इस हादसे में दानापुर-2 के डीएसपी अमरेंद्र कुमार झा बाल-बाल बच गए। घटना ने पुलिस और आम लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

युवक को कुचलने के बाद फरार हो रहा था ट्रक

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यही ट्रक कुछ देर पहले रेलवे ओवरब्रिज पर एक युवक को कुचल चुका था। युवक मोटरसाइकिल से जा रहा था, तभी रेत से भरे ट्रक ने उसे रौंद दिया। हादसे के बाद चालक मौके से भागने की कोशिश करने लगा। इसी दौरान उसने जानबूझकर पुलिस वाहन को निशाना बनाया।

डीएसपी की सरकारी गाड़ी को मारी जोरदार टक्कर

दानापुर-2 के डीएसपी अमरेंद्र कुमार झा अपनी सरकारी गाड़ी से बिहटा की ओर जा रहे थे। इसी दौरान सड़क पर तेज रफ्तार से आ रहे ट्रक ने उनकी कार को सीधी टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि पुलिस की गाड़ी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। गनीमत रही कि डीएसपी को कोई गंभीर चोट नहीं आई।

तीन घंटे तक ट्रक के नीचे फंसी रही पुलिस की गाड़ी

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के बाद डीएसपी की गाड़ी ट्रक के नीचे बुरी तरह फंस गई। करीब तीन घंटे तक वाहन को बाहर नहीं निकाला जा सका। मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग जमा हो गए और सड़क पर लंबा जाम लग गया। बाद में क्रेन मंगाकर पुलिस की गाड़ी को बाहर निकाला गया।

चालक गिरफ्तार, ट्रक जब्त

घटना की सूचना मिलते ही बिहटा और आसपास के थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने ट्रक चालक को हिरासत में ले लिया है और बालू लदे ट्रक को जब्त कर लिया गया है। पूरे मामले की जांच बिहटा थाना पुलिस कर रही है। युवक की मौत और पुलिस वाहन को टक्कर मारने के आरोप में चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

अवैध बालू खनन माफिया पर फिर उठे सवाल

इस घटना ने एक बार फिर पटना और आसपास के इलाकों में चल रहे अवैध बालू खनन के नेटवर्क पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नो-एंट्री समय और प्रतिबंधित इलाकों में भी भारी ट्रक खुलेआम चलते हैं। आरोप है कि अवैध वसूली और बालू माफिया के संरक्षण के कारण ऐसे ट्रक बेखौफ सड़कों पर दौड़ते हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि ट्रक चालकों का एक संगठित गिरोह सक्रिय है, जिसे कथित तौर पर स्थानीय स्तर पर संरक्षण मिल रहा है। यही वजह है कि पुलिस कार्रवाई के बावजूद अवैध बालू ढुलाई थम नहीं रही है।

पुलिस जांच जारी, कानून-व्यवस्था पर चिंता

फिलहाल दानापुर और बिहटा पुलिस संयुक्त रूप से मामले की जांच कर रही है। इस घटना ने न सिर्फ अवैध खनन, बल्कि सड़क सुरक्षा और पुलिसकर्मियों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता पैदा कर दी है। प्रशासन पर अब दबाव बढ़ गया है कि वह बालू माफिया के खिलाफ ठोस और प्रभावी कार्रवाई करे।