बिक्रम बीडीओ की अंतिम चेतावनी: 24 घंटे की आखिरी मोहलत, वरना होगी निलंबन और अनुशासनात्मक कार्रवाई

बिक्रम में जन्म-मृत्यु निबंधन जैसे संवेदनशील कार्य में लापरवाही और ई-मेल आईडी न देकर डिजिटल प्रक्रिया ठप करने वाले प्रभारी पंचायत सचिव को बीडीओ ने दी अंतिम चेतावनी। 24 घंटे के भीतर संतोषजनक जवाब न मिलने पर होगी बड़ी विभागीय कार्रवाई।

बिक्रम बीडीओ द्वारा पंचायत सचिव को कारण बताओ नोटिस- फोटो : Reporter

पटना जिले के बिक्रम प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) पंकज कुमार द्वारा राजस्व कर्मचारी सह प्रभारी पंचायत सचिव को  कारण बताओ (शो-कॉज) नोटिस के जरिए संबंधित कर्मचारी को बेहद सख्त लहजे में चेतावनी दी गई है। यह नोटिस उदय प्रताप सिंह, राजस्व कर्मचारी सह प्रभारी पंचायत सचिव (अराप, मोरियावाँ, शिवगढ़, बेनी बिगहा) को सरकारी कार्यों में बाधा डालने और डिजिटल असहयोग के गंभीर आरोपों के तहत दिया गया है। बीडीओ ने साफ चेतावनी दी है कि बार-बार मौखिक और लिखित निर्देश दिए जाने के बाद भी आवश्यक ई-मेल आईडी उपलब्ध न कराना प्रशासनिक अनुशासनहीनता की पराकाष्ठा है। इसके कारण पंचायतों में जन्म एवं मृत्यु निबंधन की पूरी ऑनलाइन प्रक्रिया ठप हो चुकी है, जिसे प्रशासन ने सरकारी कार्य में प्रत्यक्ष बाधा मानते हुए कड़ी दंडात्मक कार्रवाई का आधार माना है।


जनहित से खिलवाड़ पर सख्त रुख, जनता की परेशानी बर्दाश्त नहीं

प्रखंड विकास पदाधिकारी पंकज कुमार द्वारा नोटिस में कड़ी चेतावनी देते हुए कहा गया है कि जन्म एवं मृत्यु निबंधन जैसी अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील नागरिक सेवा में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह कार्य भारत सरकार और बिहार सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है, जिसके आधार पर आम नागरिकों को कल्याणकारी योजनाओं, शैक्षणिक नामांकन, Aadhaar Redacted, पेंशन, उत्तराधिकार और सामाजिक सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण कानूनी अधिकार मिलते हैं। कर्मचारी को आगाह किया गया है कि उनकी इस उदासीनता के कारण आम जनता को ब्लॉक और पंचायत कार्यालयों के बार-बार चक्कर काटने पड़ रहे हैं, जिससे उन्हें जो मानसिक और आर्थिक क्षति हो रही है, उसका पूरा उत्तरदायित्व उनका खुद का होगा।

जन सहयोग शिविर में बाधा डालने पर सेवा आचरण नियमावली के तहत कार्रवाई का अल्टीमेटम

प्रशासनिक रुख इस बात को लेकर और कड़ा हो गया है कि संबंधित पंचायतों में आगामी 'जन सहयोग शिविर' का आयोजन होना सुनिश्चित है, जहां आम लोगों के जन्म-मृत्यु निबंधन जैसे मामलों का त्वरित निष्पादन किया जाना है। बीडीओ ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि ऐसे महत्वपूर्ण समय पर कर्मचारी का असहयोगात्मक रवैया पूरी प्रशासनिक व्यवस्था को पंगु बना रहा है और सरकार की छवि को धूमिल कर रहा है। पत्र में साफ तौर पर चेताया गया है कि यह कृत्य 'बिहार सरकारी सेवक आचरण नियमावली' का खुला उल्लंघन है, जिसे घोर कर्तव्यहीनता मानते हुए आगे की कड़ी विभागीय कार्रवाई के लिए सूचीबद्ध कर लिया गया है।


24 घंटे की आखिरी मोहलत, वरना होगी निलंबन और अनुशासनात्मक कार्रवाई

प्रखंड विकास पदाधिकारी ने अंतिम चेतावनी देते हुए संबंधित कर्मचारी को निर्देशित किया है कि इस पत्र की प्राप्ति के ठीक 24 घंटे के भीतर अपना स्पष्ट, तथ्यात्मक और संतोषजनक स्पष्टीकरण कार्यालय में अनिवार्य रूप से समर्पित करें। इसके साथ ही, अविलंब ई-मेल आईडी उपलब्ध कराकर ऑनलाइन निबंधन कार्य को सुचारू रूप से शुरू करने का अंतिम आदेश दिया गया है। बीडीओ ने इस अल्टीमेटम में स्पष्ट कर दिया है कि यदि निर्धारित 24 घंटे की अवधि में संतोषजनक जवाब प्राप्त नहीं होता है, तो यह मान लिया जाएगा कि कर्मचारी के पास बचाव में कोई तर्क नहीं है, और उनके विरुद्ध निलंबन व विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई हेतु सक्षम प्राधिकारी को रिपोर्ट भेज दी जाएगी।

रिपोर्ट - ऋषिकेश कुमार