Bikram CO Mayank Shekhar: चार्ज लेते ही एक्शन मोड में नए सीओ,अंचल कार्यालय सीसीटीवी से लैस, दलाल होंगे बेनकाब!
पटना जिले के बिक्रम प्रखंड के नए अंचलाधिकारी (सीओ) मयंक शेखर ने पदभार संभालते ही अंचल कार्यालय की सूरत बदल दी है।वर्षों से बंद पड़ा मुख्य गेट तुरंत खुलवाया गया और दलालों व बिचौलियों पर पैनी नजर रखने के लिए पूरे परिसर को 10 CCTV कैमरों से लैस कर दिया
पटना जिले के बिक्रम प्रखंड में नए अंचलाधिकारी (सीओ) के रूप में मयंक शेखर ने विधिवत अपना कार्यभार संभाल लिया है। पदभार ग्रहण करते ही उन्होंने अंचल की कार्यप्रणाली को लेकर अपनी प्राथमिकताएं पूरी तरह स्पष्ट कर दी हैं। नए सीओ ने आम जनता को भरोसा दिलाया है कि राजस्व और भूमि विवाद से जुड़े सभी मामलों का समयबद्ध, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से त्वरित निष्पादन करना ही उनका मुख्य लक्ष्य रहेगा, ताकि लोगों को बेवजह भटकना न पड़े।
वर्षों से बंद मुख्य गेट खुला, सीसीटीवी कैमरों से लैस हुआ कार्यालय
मंगलवार को पदभार ग्रहण करने के तुरंत बाद सीओ मयंक शेखर एक्शन मोड में नजर आए और उन्होंने पूरे अंचल कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सबसे पहला बड़ा कदम उठाते हुए अंचल कार्यालय का वह मुख्य प्रवेश द्वार (गेट) तुरंत खुलवा दिया जो पिछले कई वर्षों से रहस्यमयी तरीके से बंद पड़ा था। इसके साथ ही, अंचल कार्यालय को मुख्य गेट से लेकर अंदरूनी दफ्तरों तक सीसीटीवी कैमरों से पूरी तरह लैस कर दिया गया है।
दलालों पर नकेल कसने के लिए लगाए गए 10 तीसरी आँख
अंचल कार्यालयों में अक्सर सक्रिय रहने वाले दलालों और बिचौलियों पर पैनी नजर रखने और उनके सिंडिकेट को तोड़ने के लिए परिसर में 10 अत्याधुनिक सीसीटीवी (CCTV) कैमरे लगाए गए हैं। सीओ ने स्पष्ट किया कि इस पहल से कार्यालय के रोजमर्रा के कामों में पूरी पारदर्शिता आएगी और सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत होगी। अब कोई भी अनधिकृत व्यक्ति अंचल कार्यालय में बिना वजह घूमकर आम जनता को गुमराह नहीं कर सकेगा।
अनियमितताओं पर सख्त रुख, जिम्मेदारों से मांगा 'शो-कॉज'
अपने विस्तृत निरीक्षण के दौरान सीओ ने आरटीपीएस (RTPS) काउंटर, डाटा सेंटर, अंचल गार्ड आवास, पार्किंग और साफ-सफाई की व्यवस्था का भी जायजा लिया। आरटीपीएस और डाटा सेंटर के कामकाज में कई गंभीर कमियां और अनियमितताएं सामने आने पर उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित कर्मियों को 'शो-कॉज' (कारण बताओ नोटिस) जारी कर तुरंत स्पष्टीकरण मांगा है। इसके अलावा, परिसर की बेहतर साफ-सफाई के लिए उन्होंने नगर पंचायत को एक आधिकारिक पत्र लिखने के निर्देश भी दिए हैं।
रिपोर्ट - ऋषिकेश