Bikram News: हरपुरा वाली देवी मां के दरबार में गूंजा 'हरे राम हरे कृष्ण', अखंड कीर्तन का भव्य समापन

बिक्रम (पटना) के हरपुरा देवी मंदिर में विधि-विधान, हवन और पूर्णाहुति के साथ अखंड हरिकीर्तन का भव्य समापन हुआ। प्रांगण में 24 घंटे का अखंड में देवी दरबार में गूंजा 'हरे राम हरे कृष्ण', उमड़ी श्रद्धालुओं की भरी भीड़, बांटा गया महाप्रसाद

हरपुरा वाली देवी मां के दरबार में गूंजा 'हरे राम हरे कृष्ण', अखंड कीर्तन का भव्य समापन- फोटो : Reporter

पटना जिले के बिक्रम प्रखंड स्थित प्रसिद्ध हरपुरा वाली देवी मां के प्रांगण में आयोजित 24 घंटे का अखंड हरिकीर्तन वैदिक रीति-रिवाज, हवन और पूर्णाहुति के साथ संपन्न हो गया। इस धार्मिक अनुष्ठान के अंतिम दिन मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। भक्तों ने मां भगवती की पूजा-अर्चना कर अपने परिवार, समाज और राष्ट्र की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली के लिए प्रार्थना की।


हरे राम-हरे कृष्ण महामंत्र से गुंजायमान हुआ मंदिर परिसर

ग्राम हरपुरा के सभी निवासियों के सामूहिक सहयोग और समर्पण से आयोजित इस कार्यक्रम में लगातार 24 घंटे तक 'हरे राम, हरे कृष्ण' महामंत्र का संकीर्तन चलता रहा। कीर्तन मंडली के भजनों और श्रद्धालुओं के जयकारों से पूरा गांव भक्तिमय माहौल में डूबा रहा। इस अखंड जाप से पूरा वातावरण पवित्र और ऊर्जावान बना रहा।

विधि-विधान से हवन, पूर्णाहुति और महाप्रसाद वितरण

अखंड संकीर्तन की समाप्ति पर विद्वान पंडितों के सानिध्य में विधि-विधान से हवन कराया गया। श्रद्धालुओं ने आहुति डालकर विश्व कल्याण, अच्छी वर्षा, बेहतर फसल और आपसी भाईचारे की कामना की। हवन की पूर्णाहुति के पश्चात मां भगवती की भव्य आरती की गई और उपस्थित भक्तों के बीच महाप्रसाद का वितरण किया गया।


श्रावण मास में वर्षों पुरानी आस्था और सामाजिक एकता का प्रतीक

हरपुरा वाली देवी मां के प्रति ग्रामीणों की अटूट श्रद्धा वर्षों पुरानी है। मान्यता है कि यहाँ सच्चे मन से मांगी गई हर मनोकामना पूरी होती है। इसी विश्वास के कारण प्रतिवर्ष श्रावण मास में इस धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया जाता है। इस आयोजन में बुजुर्गों के मार्गदर्शन में युवा, महिलाएं और बच्चे बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं, जिससे सांस्कृतिक परंपराओं और सामाजिक एकजुटता को बल मिलता है।

आयोजन समिति ने जताया आभार, सुख-समृद्धि की कामना

आयोजन समिति ने कार्यक्रम को शांतिपूर्ण और भव्य तरीके से सफल बनाने के लिए सभी ग्रामवासियों, सहयोगियों और दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया। समिति के सदस्यों ने कहा कि यह आयोजन गांव की सेवा, सहयोग और सांस्कृतिक विरासत का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने देवी मां से प्रार्थना की कि पूरे क्षेत्र में सदैव शांति, सौहार्द और खुशहाली बनी रहे।

बिक्रम से ऋषिकेश की रिपोर्ट