Patna Boat Accident: पटना के बाढ़ में दर्दनाक हादसा, उमानाथ घाट पर नाव पलटी, 14 सवारों में 5 लापता, 7 की जान बची
Patna Boat Accident:पटना के बाढ़ अनुमंडल स्थित उमानाथ गंगा घाट पर उस वक्त अफरा-तफरी और मातम जैसा माहौल बन गया जब एक नाव अचानक पलट गई।...
Patna Boat Accident:पटना के बाढ़ अनुमंडल स्थित उमानाथ गंगा घाट पर उस वक्त अफरा-तफरी और मातम जैसा माहौल बन गया जब एक नाव अचानक पलट गई। उमानाथ घाट पर हुई इस दर्दनाक दुर्घटना में कुल 14 लोग सवार थे, जिनमें से 7 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि 5 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यह हादसा पूरी तरह लापरवाही और ओवरलोडिंग का नतीजा था। नाव पर उसकी क्षमता से कहीं अधिक लोग सवार थे और गंगा की तेज धारा के बीच जैसे ही नाव ने बीच नदी में प्रवेश किया, वह असंतुलित होकर पलट गई। कुछ ही पलों में लोग पानी में डूबने लगे और घाट पर चीख-पुकार मच गई।
घटना के बाद स्थानीय लोगों में कोहराम मच गया। कई लोग अपनी जान बचाने के लिए तैरने लगे, तो कुछ पानी के तेज बहाव में बह गए। आसपास मौजूद मल्लाहों और स्थानीय गोताखोरों ने तुरंत रेस्क्यू अभियान शुरू किया और अपनी जान जोखिम में डालकर कई लोगों को बाहर निकाला।बचाव टीम और स्थानीय गोताखोरों की तत्परता से 7 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिन्हें प्राथमिक इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा गया। हालांकि 5 लोग अभी भी लापता हैं और उनकी तलाश में सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है।
सूत्रों के मुताबिक नाव पर सवार लोग नदी पार कर रहे थे, लेकिन सुरक्षा मानकों की अनदेखी और नाव में क्षमता से अधिक लोगों की सवारी इस हादसे की सबसे बड़ी वजह बनी। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस घाट पर पहले भी कई बार ऐसी घटनाएं होते-होते बची हैं, लेकिन प्रशासनिक सख्ती न होने से हालात सुधर नहीं रहे।घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक टीम और आपदा प्रबंधन से जुड़े कर्मी मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन को तेज कर दिया गया। गंगा के तेज बहाव और गहराई के कारण खोज अभियान में मुश्किलें आ रही हैं, लेकिन लगातार प्रयास जारी हैं।
यह हादसा एक बार फिर नदी पार करने के दौरान सुरक्षा नियमों की अनदेखी और लापरवाह नाव संचालन पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि घाट पर नावों की नियमित जांच, क्षमता नियंत्रण और लाइफ जैकेट जैसी मूलभूत सुरक्षा व्यवस्था को अनिवार्य किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं पर रोक लग सके।
रिपोर्ट- रविशंकर