Bihar Land Survey: सम्राट सरकार का मेगा मास्टरस्ट्रोक, बिहार के 264 शहरों में जमीन सर्वे की आंधी, डिजिटल नक्शों से बदलेगा जमीन के हक का पूरा खेल, तैयार रहें

Bihar Land Survey: राज्य के 264 शहरों में व्यापक भूमि सर्वेक्षण कराने का निर्णय सरकार ने लिया है।

Bihar to Launch Mega Urban Land Survey Across 264 Cities wit
बिहार के 264 शहरों में जमीन सर्वे की आंधी- फोटो : social Media

Bihar Land Survey: बिहार की सियासत  में इन दिनों एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। राज्य के 264 शहरों में व्यापक भूमि सर्वेक्षण कराने का निर्णय सरकार ने लिया है।

ग्रामीण इलाकों में पहले से चल रहे जमीन सर्वे के बाद अब सरकार ने शहरी क्षेत्रों को भी इस प्रक्रिया में शामिल कर लिया है। इस फैसले के बाद बिहार के 19 नगर निगम, 89 नगर परिषद और 156 नगर पंचायतों में नए खतियान के साथ-साथ डिजिटल और फिजिकल नक्शे तैयार किए जाएंगे। इससे करीब 2 करोड़ से अधिक शहरी आबादी सीधे तौर पर प्रभावित होगी। सियासी गलियारों में इसे “जमीन व्यवस्था का डिजिटल क्रांतिकारी कदम” कहा जा रहा है, जबकि विपक्ष इसे जटिलता बढ़ाने वाली प्रक्रिया बता रहा है।

सरकार ने इसके साथ ही बिहार रैयती भूमि क्रय नीति 2026 को भी मंजूरी दी है, जिसके तहत अब सरकारी परियोजनाओं के लिए जमीन देने वाले रैयतों को भारी मुआवजा मिलेगा। ग्रामीण इलाकों में बाजार मूल्य या सर्किल रेट का चार गुना और उसके ऊपर 10 प्रतिशत अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। वहीं शहरी क्षेत्रों में यह मुआवजा दोगुने मूल्य से 10 प्रतिशत अधिक तय किया गया है। इस फैसले से जमीन अधिग्रहण को लेकर लंबे समय से चल रहे विवादों में कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है।

इसी बीच सरकार ने एक और अहम निर्णय लेते हुए बिहार लघु एवं मध्यम स्वास्थ्य सेवा प्रतिष्ठान नियमावली 2026 को मंजूरी दी है। इसके तहत राज्य के लगभग 13 लाख कर्मियों, पेंशनरों, विधायकों और उनके परिवारों को कैशलेस इलाज की सुविधा दी जाएगी। पहले जहां कर्मचारियों को इलाज का खर्च पहले खुद उठाना पड़ता था और बाद में रीइंबर्समेंट की प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था, वहीं अब सीधे कैशलेस सिस्टम लागू होगा। बहरहाल  यह फैसले बिहार में डिजिटल गवर्नेंस , भूमि सुधार ,  स्वास्थ्य सुरक्षा का नया अध्याय खोलते नजर आ रहे हैं, जो आने वाले समय में प्रशासनिक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर बड़ा असर डाल सकते हैं।