पटना में आज से गरजेगा बुलडोजर, अतिक्रमणकारियों को प्रशासन का अल्टीमेटम, इन 6 बड़े इलाकों में एक्शन के लिए 9 टीमें तैयार, विरोध करने पर सीधे जेल

Patna Bulldozer Action:पटना के कई अहम और भीड़भाड़ वाले इलाके नूतन राजधानी, पाटलिपुत्र, कंकड़बाग, बांकीपुर, पटना सिटी और दानापुर में आज से बुलडोजर एक्शन शुरु होने वाला है।

पटना में अतिक्रमण माफिया पर बुलडोजर स्ट्राइक- फोटो : social Media

Patna Bulldozer Action: बिहार की राजधानी पटना एक बार फिर बड़े प्रशासनिक एक्शन की जद में आने वाली है, जहां नगर निगम और जिला प्रशासन ने मिलकर अतिक्रमणकारियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस मोड अपना लिया है। शहर की सड़कों को अतिक्रमण मुक्त बनाने और यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए एक व्यापक और सख्त अभियान की शुरुआत आज से की जा रही है, जो 30 मई तक लगातार चलेगा। इस महाअभियान के तहत पटना के कई अहम और भीड़भाड़ वाले इलाके नूतन राजधानी, पाटलिपुत्र, कंकड़बाग, बांकीपुर, पटना सिटी और दानापुर को विशेष रूप से चिन्हित किया गया है। इन इलाकों में सड़क किनारे फैले अवैध कब्जों, ठेलों, अस्थायी दुकानों से लेकर पक्के और कच्चे निर्माण तक पर प्रशासन का बुलडोजर चलने की तैयारी है।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, इस कार्रवाई को अंजाम देने के लिए कुल 9 विशेष प्रवर्तन टीमें बनाई गई हैं, जिन्हें अलग-अलग जोन में तैनात किया गया है। इन टीमों को साफ निर्देश दिए गए हैं कि कार्रवाई के दौरान किसी भी तरह की ढिलाई, सिफारिश या दबाव को पूरी तरह नजरअंदाज किया जाए। हर दिन अभियान की समीक्षा उच्च अधिकारियों द्वारा की जाएगी ताकि पूरे ऑपरेशन की निगरानी सख्ती से की जा सके।

इस बार प्रशासन ने साफ संदेश दे दिया है कि अतिक्रमण अब सिर्फ हटाया नहीं जाएगा, बल्कि जड़ से खत्म किया जाएगा। जिन स्थानों से कब्जा हटाया जाएगा, वहां दोबारा अवैध निर्माण या दुकान लगाने की कोशिश करने वालों पर सीधे FIR दर्ज की जाएगी। इसे एक तरह से डबल एक्शन पॉलिसी माना जा रहा है पहली बार हटाओ और दूसरी बार कानून का शिकंजा कसो।

वहीं, अतिक्रमणकारियों और स्थानीय व्यापारियों के बीच इस कार्रवाई को लेकर हलचल तेज हो गई है। कई जगहों पर दुकानदारों में बेचैनी देखी जा रही है, जबकि प्रशासन का कहना है कि यह कदम जनता की सुविधा और यातायात सुधार के लिए जरूरी है। बता दें इससे पहले 30 अप्रैल को भी पटना में बड़ा अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया था, जिसमें विधायक आवास के पीछे से करीब 100 से 150 अवैध दुकानों और ढांचों को हटाया गया था। उस कार्रवाई के बाद अब पूरे शहर में इस अभियान को और व्यापक रूप देने की तैयारी की गई है।

प्रशासन का साफ कहना है कि पटना को जाम और अतिक्रमण की समस्या से मुक्त कराना अब प्राथमिकता है और इसके लिए किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। आने वाले दिनों में यह कार्रवाई शहर की सूरत बदलने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकती है।