बिहार के करोड़ों मोबाइल पर एक साथ बजा 'सायरन', इमरजेंसी अलर्ट आने के बाद अब क्या करें, जानिए
आपदा के समय अलर्ट करने की पहल के तहत देश स्तर पर 2 मई को करोड़ों मोबाइल फोन पर इमरजेंसी अलर्ट बजा.
Emergency Alert on Mobile Phones : आपात स्थितियों से निपटने की एक बड़ी पहल के तहत शनिवार को एक साथ बिहार के करोड़ों मोबाइल फोन पर इमरजेंसी अलर्ट बजा. पटना के सुबह करीब 11.45 बजे से एक साथ लोगों के मोबाइल पर सायरन बजने लगा. भारत ने 2 मई को एक मोबाइल-बेस्ड डिजास्टर कम्युनिकेशन सिस्टम शुरू किया है, जिसका उद्देश्य लोगों के फोन पर रियल टाइम में इमरजेंसी अलर्ट पहुंचाना है. ऐसे में आपके फोन पर अचानक सायरन की आवाज़ सुनाई दे तो चिंता की कोई बात नहीं है. इस अलर्ट सिस्टम का उद्देश्य आपात स्थिति में लोगों को तुरंत जानकारी देना है.
अलर्ट सिस्टम के साथ ही लोगों के मोबाइल पर एक संदेश भी आया जिसमें लिखा गया कि 'भारत ने स्वदेशी तकनीक का उपयोग करते हुए सेल ब्रॉडकास्ट सेवा शुरू की है, जिससे नागरिकों को आपदा की तत्काल सूचना मिल सकेगी। सतर्क नागरिक, सुरक्षित राष्ट्र। इस संदेश को प्राप्त करने पर जनता को कोई कार्रवाई करने की आवश्यकता नहीं है। यह एक परीक्षण संदेश है। -भारत सरकार' दरअसल, इस परीक्षण का उद्देश्य राज्य में स्थापित आपातकालीन सूचना प्रसारण प्रणाली की कार्यक्षमता का मूल्यांकन करने के साथ ही यह सुनिश्चित करना है कि आपदा की स्थिति में चेतावनी संदेश समयबद्ध और व्यापक रूप से प्रसारित हो सकें.
‘सेल ब्रॉडकास्ट’ तकनीक के जरिए इमरजेंसी अलर्ट
भारत सरकार ने देशभर में मोबाइल फोन पर ‘सेल ब्रॉडकास्ट’ तकनीक के जरिए इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम का परीक्षण किया. इस दौरान लाखों यूजर्स के फोन पर “Extremely Severe Alert” का मैसेज पहुंचा, जिससे कई लोग चौंक गए. सरकार ने स्पष्ट किया कि यह एक टेस्ट मैसेज था और इसे प्राप्त करने पर किसी भी तरह की कार्रवाई करने की जरूरत नहीं है.
नागरिकों को तुरंत सूचना
इस नई स्वदेशी तकनीक के जरिए आपदा या किसी आपात स्थिति में नागरिकों को तुरंत सूचना दी जा सकेगी. सरकार का कहना है कि यह पहल नागरिकों की सुरक्षा और जागरूकता बढ़ाने के लिए अहम कदम है, जिससे भविष्य में किसी भी संकट के दौरान समय रहते अलर्ट जारी किया जा सके.
आपदा अलर्ट के लिए टेस्टिंग
यह सिस्टम Department of Telecommunications और National Disaster Management Authority ने मिलकर तैयार किया है. इसका नाम SACHET (नेशनल डिजास्टर अलर्ट पोर्टल) रखा गया है. इसका मकसद यह है कि अगर भविष्य में कोई आपदा जैसे भूकंप, बाढ़ या तूफान आता है, तो लोगों को समय रहते चेतावनी दी जा सके.