देवदूत बने नगर निगम के सुपरवाइजर: दीदारगंज घाट पर डूबे 3 बच्चे, निगम कर्मी ने 2 को बचाया

पटना के पटना सिटी स्थित पूर्वी दीदारगंज घाट पर गंगा स्नान के दौरान तीन किशोर डूबने लगे। नगर निगम के सुपरवाइजर अनिल कुमार ने दो बच्चों को सुरक्षित बचा लिया, जबकि एक लापता है। एनडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों का सर्च ऑपरेशन जारी है।

पटना के पूर्वी दीदारगंज गंगा घाट पर लापता बच्चे की तलाश करती एनडीआरएफ- फोटो : Reporter

पटना सिटी के दीदारगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत पूर्वी दीदारगंज घाट पर रविवार को गंगा स्नान के दौरान एक बड़ा हादसा सामने आया है। यहाँ अपने परिजनों के साथ गंगा स्नान करने आए तीन किशोर अचानक नदी की गहराई का आकलन नहीं कर पाए और पानी में डूबने लगे। इस हादसे के बाद घाट पर चीख-पुकार मच गई। तीनों किशोर दीदारगंज थाना क्षेत्र के ही बजरंग बली (बज्रंग दल) इलाके के रहने वाले बताए जा रहे हैं, जो कुछ महिलाओं के साथ घाट पर आए थे।


नगर निगम के सुपरवाइजर ने दिखाया साहस, दो की बची जान

जब तीनों किशोर गंगा की तेज धार और गहराई में समा रहे थे, ठीक उसी वक्त पटना नगर निगम के सुपरवाइजर अनिल कुमार भी वहाँ स्नान कर रहे थे। अचानक डूबते बच्चों पर उनकी नजर पड़ी, जिसके बाद उन्होंने अदम्य साहस का परिचय दिया। अनिल कुमार ने तुरंत पानी में छलांग लगाई और सूझबूझ से तीन में से दो बच्चों को सकुशल गंगा की लहरों से बाहर निकाल लिया। हालांकि, काफी कोशिश के बावजूद वह तीसरे किशोर को बचाने में नाकामयाब रहे।

एनडीआरएफ और गोताखोरों का सर्च ऑपरेशन जारी

घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों द्वारा दीदारगंज थाना पुलिस को मामले की सूचना दी गई। पुलिस टीम ने बिना वक्त गंवाए मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और इसकी जानकारी एनडीआरएफ (NDRF) को दी। लापता किशोर की तलाश के लिए एनडीआरएफ की टीम और स्थानीय गोताखोरों को रेस्क्यू ऑपरेशन में लगाया गया है, जो लगातार नदी में सर्च अभियान चला रहे हैं।


निगरानी में जुटे जनप्रतिनिधि, परिजनों में कोहराम

इस दर्दनाक हादसे की खबर मिलते ही वार्ड संख्या 72 की निगम पार्षद संध्या यादव भी तुरंत पूर्वी दीदारगंज घाट पहुंचीं। उन्होंने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया और अपनी सीधी निगरानी में गोताखोरों का सर्च अभियान जारी रखवाया है। फिलहाल, काफी समय बीत जाने के बाद भी डूबे हुए तीसरे बच्चे का कोई सुराग नहीं मिल पाया है, जिससे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

रिपोर्ट - रजनीश कुमार