पटना में जामताड़ा मॉड्यूल का भंडाफोड़: महाराष्ट्र के मास्टरमाइंड सहित 4 साइबर अपराधी गिरफ्तार, 20 राज्यों में फैला था जाल

पटना के राम कृष्णा नगर थाना क्षेत्र में साइबर थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर अंतरराज्यीय साइबर गिरोह के 4 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह 'महानगर गैस' कनेक्शन दिलाने के नाम पर देश के 20 राज्यों में लोगों को ठगी का शिकार बना र

Patna -  पटना साइबर थाना पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है, जहाँ न्यू जगनपुरा इलाके से अंतरराज्यीय साइबर ठगी करने वाले गिरोह के 4 सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। यह गिरोह 'महानगर गैस' कनेक्शन दिलाने के नाम पर देश के 20 राज्यों में लोगों को ठगी का शिकार बना रहा था। गिरफ्तार अपराधियों में झारखंड के जामताड़ा निवासी तीन युवक और महाराष्ट्र का एक मास्टरमाइंड शामिल है। 

झारखंड और महाराष्ट्र से जुड़े हैं तार 

पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए 4 अपराधियों में से 3 झारखंड के जामताड़ा (मधुपुर, देवघर) के रहने वाले हैं, जिनके नाम गुलटन यादव, अरुण मंडल और पंकज कुमार हैं। गिरोह का मास्टरमाइंड श्रीधर महाराष्ट्र के पुणे का निवासी है। ये सभी पटना के राम कृष्णा नगर थाना क्षेत्र के न्यू जगनपुरा में एक किराए का फ्लैट लेकर पिछले 5-6 महीनों से ठगी का धंधा चला रहे थे।

गैस कनेक्शन के नाम पर 20 राज्यों में ठगी 

यह गिरोह मुख्य रूप से महाराष्ट्र की 'महानगर गैस' का कनेक्शन दिलाने के नाम पर लोगों को निशाना बनाता था। वे ग्राहकों को एक APK फाइल भेजते थे, जिसके माध्यम से उनके बैंक खातों का एक्सेस प्राप्त कर पैसे उड़ा लिए जाते थे। पुलिस की तकनीकी जांच में पता चला है कि इनके खिलाफ महाराष्ट्र, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा समेत लगभग 20 राज्यों में मामले दर्ज हैं।

18 मोबाइल बरामद, करोड़ों की ठगी का अनुमान 

गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने इनके पास से 18 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। अपराधियों ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि वे पिछले 4-5 वर्षों से इस काम में संलिप्त हैं और पहले भी जेल जा चुके हैं। पुलिस का अनुमान है कि इस गिरोह ने अब तक करोड़ों रुपये की ठगी की है।

मुख्य सरगना और डेटा सोर्स की तलाश जारी 

पटना साइबर थाना के डीएसपी सह थानाध्यक्ष नीतीश चन्द्र धारिया ने बताया कि यह गिरोह टेलीग्राम के माध्यम से डेटा प्राप्त करता था। पुलिस अब उन मुख्य सरगनाओं की तलाश कर रही है जो इन्हें ग्राहकों के मोबाइल नंबर और अन्य जानकारियां (डेटा) उपलब्ध कराते थे।

Report - anil kumar