पटना में 'साइबर स्कैम' का बड़ा खुलासा: दानापुर में 5 ठिकानों पर रेड, 13 युवतियां समेत 14 गिरफ्तार
पटना पुलिस की साइबर सेल ने सोमवार देर रात दानापुर के रूपसपुर, रुकनपुरा, गोला रोड, राम जयपाल नगर और सगुना मोड़ स्थित पांच अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। रात 10 बजे शुरू हुई इस कार्रवाई में पुलिस ने एक बड़े गिरोह को दबोचा है, जो किराए के मकानों में बाकायदा 'कॉल सेंटर' सेटअप चला रहा था। पुलिस की इस मुस्तैदी के कारण गिरोह के सदस्यों को भागने का मौका तक नहीं मिला।
13 युवतियां और एक युवक हिरासत में
इस हाई-प्रोफाइल छापेमारी में पुलिस ने 13 युवतियों और एक युवक को हिरासत में लिया है। जांच में सामने आया है कि इन युवतियों को बाकायदा ट्रेनिंग दी गई थी कि कैसे संभावित पीड़ितों को अपनी बातों के जाल में फंसाना है। धर्मेंद्र कुमार नाम के शख्स द्वारा किराए पर लिए गए फ्लैट को ठगी का मुख्य केंद्र बताया जा रहा है, जहाँ से छह युवतियां अलग-अलग स्क्रिप्ट के जरिए लोगों को निशाना बना रही थीं।
ठगी का तरीका: लोन, नौकरी और लुभावने ऑफर
गिरोह के काम करने का तरीका बेहद शातिर था। ये सदस्य खुद को बैंक प्रतिनिधि या जॉब कंसल्टेंट बताकर लोगों को कम ब्याज पर लोन, घर बैठे नौकरी या अन्य आकर्षक ऑफर्स का लालच देते थे। एक बार व्यक्ति झांसे में आ जाता, तो उससे प्रोसेसिंग फीस और रजिस्ट्रेशन चार्ज के नाम पर मोटी रकम ऐंठ ली जाती थी। ठगी गई राशि को तुरंत अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर निकाल लिया जाता था।
भारी मात्रा में डिजिटल उपकरण बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से दर्जनभर लैपटॉप, बड़ी संख्या में मोबाइल फोन, सिम कार्ड और कई अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स बरामद किए हैं। प्रारंभिक जांच के अनुसार, यह गिरोह केवल बिहार ही नहीं बल्कि अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय था। पुलिस अब आरोपियों के बैंक खातों और कॉल डिटेल्स को खंगाल रही है ताकि ठगी के नेटवर्क की पूरी कड़ियों को जोड़ा जा सके।
पुलिस की अपील: अनजान कॉल और ऑफर से रहें सावधान
बिहार पुलिस ने इस सफल ऑपरेशन के बाद आम नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। पुलिस ने अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल या मैसेज पर भरोसा न करें, खासकर जब कोई लोन या नौकरी के बदले पहले पैसे मांगे। साइबर सेल का कहना है कि आने वाले दिनों में इस गिरोह के मास्टरमाइंड और अन्य सहयोगियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान और तेज किया जाएगा।