Patna News:मरीन ड्राइव हादसे में पीड़ित को धमकाने वाले दीघा थाने के पूर्व SHO संजीव कुमार समेत अन्य पर FIR दर्ज
मरीन ड्राइव हादसे के शिकार पीड़ित को दीघा थाने में धमकाने और दुर्व्यवहार करने के मामले में पूर्व sho संजीव कुमार और अन्य के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर दीघा थाने में ही FIR दर्ज कर ली गई है।पीड़ित का आरोप है कि शिकायत दर्ज कराने जाने पर भगा दिया था
पटना के दीघा थाने के पूर्व थानाध्यक्ष संजीव कुमार की मुश्किलें लगातार बढ़ती दिख रही हैं। कोर्ट परिवाद के आधार पर न्यायालय के सख्त आदेश के बाद पूर्व थानेदार संजीव कुमार सहित कई अन्य लोगों के खिलाफ दीघा थाने में ही प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। केस दर्ज होने के साथ ही पुलिस प्रशासन ने पूरे मामले की गंभीरता से तफ्तीश शुरू कर दी है। दीघा के वर्तमान थानाध्यक्ष अवनीश कुमार ने बताया कि कोर्ट के निर्देश पर मामला दर्ज कर परिवाद में लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है।
मरीन ड्राइव पर Fortuner से टक्कर, पीड़ित का टूटा हाथ
पीड़ित उदय साव द्वारा दर्ज कराए गए शिकायत के अनुसार, वह देर रात अपने दोस्त के घर से पार्टी मनाकर लौट रहे थे और दीघा स्थित मरीन ड्राइव के पास चाय पी रहे थे। इसी दौरान एक अनियंत्रित फॉर्च्यूनर (Fortuner) गाड़ी ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। इस सड़क हादसे में उदय साव का दाहिना हाथ टूट गया और उनके शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें संभाला गया, जिसके बाद वे न्याय की उम्मीद लेकर दीघा थाने पहुंचे थे।
थाने में पीड़ित के साथ दुर्व्यवहार और गाली-गलौज का आरोप
उदय साव का आरोप है कि जब वे दुर्घटना को अंजाम देने वाले फॉर्च्यूनर गाड़ी के मालिक आकाश कुमार ओझा के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराने थाने पहुंचे, तो वहां तैनात तत्कालीन थानेदार संजीव कुमार ने उनके साथ अत्यंत अमर्यादित व्यवहार किया। पीड़ित का दावा है कि थानेदार ने उनके साथ गाली-गलौज की और पीड़ित होने के बावजूद उनके साथ अपराधियों जैसा सलूक किया गया।
थाने से भगाने की धमकी और निष्पक्ष जांच की मांग
शिकायतकर्ता उदय साव ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि पूर्व थानेदार ने उन्हें धमकी देते हुए कहा, "ज्यादा बोलोगे तो दो मिनट में ठीक कर देंगे" और गाली-गलौज करते हुए उन्हें थाने से बाहर भगा दिया। थाने से न्याय न मिलने पर पीड़ित ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। अब कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद मामला दर्ज हुआ है और पीड़ित ने पूर्व थानेदार व फॉर्च्यूनर मालिक समेत सभी आरोपियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
पटना से अनिल की रिपोर्ट