पटना में दुर्गापूजा को लेकर अग्निशमन विभाग की बड़ी तैयारी, पंडालों की होगी फायर मैपिंग

जिला अग्निशमन पदाधिकारी अभिषेक कुमार ने बताया कि सभी पूजा समितियों को अग्निशमन विभाग मुख्यालय की ओर से जारी एसओपी का पालन करना होगा।

Bihar News :  दुर्गापूजा और दशहरा को लेकर पटना जिले में अग्निशमन विभाग ने सुरक्षा तैयारियां तेज कर दी हैं। पूजा पंडालों में आग से बचाव और आपात स्थिति से निपटने के लिए विभाग की ओर से सोमवार से सभी प्रमुख दशहरा पंडालों की फायर मैपिंग शुरू की जाएगी। करीब एक सप्ताह तक चलने वाले इस अभियान के दौरान पंडालों की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया जाएगा।


जिला अग्निशमन पदाधिकारी अभिषेक कुमार ने बताया कि सभी पूजा समितियों को अग्निशमन विभाग मुख्यालय की ओर से जारी एसओपी का पालन करना होगा। उन्होंने कहा कि 300 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल में बनाए जाने वाले पूजा पंडालों के लिए फायर सर्टिफिकेट लेना अनिवार्य होगा। इसके अलावा पूजा समितियों को बिजली विभाग से भी आवश्यक प्रमाण पत्र लेना होगा।


पंडालों में वॉलेंटियर्स की तैनाती जरूरी

इस बार पूजा समितियों को पंडालों में वॉलेंटियर्स की तैनाती भी करनी होगी। अग्निशमन विभाग इन वॉलेंटियर्स को आग लगने या किसी अन्य आपात स्थिति में लोगों की मदद करने का प्रशिक्षण देगा। अधिकारियों के अनुसार, भीड़ के बीच किसी घटना की स्थिति में शुरुआती स्तर पर राहत और बचाव में प्रशिक्षित वॉलेंटियर्स की भूमिका अहम होगी। वहीं, 5,000 वर्गफीट क्षेत्रफल वाले पंडालों के लिए पूजा समितियों को प्रपत्र ‘द’ के तहत घोषणा पत्र देना होगा।


पंडालों के रास्ते और एंट्री-एग्जिट की भी होगी जांच

फायर मैपिंग के दौरान अग्निशमन विभाग की टीम पंडालों की लोकेशन के साथ-साथ प्रवेश और निकास के रास्ते, दमकल वाहनों के पहुंचने का मार्ग और आसपास की स्थिति की जानकारी जुटाएगी। इसका उद्देश्य किसी भी आपात स्थिति में दमकल की गाड़ियों को पंडाल तक जल्द पहुंचाना है।


जरूरत के अनुसार संवेदनशील या अधिक भीड़ वाले इलाकों में अस्थायी कंट्रोल रूम भी बनाए जा सकते हैं। अधिकारियों ने बताया कि आवश्यकता पड़ने पर दूसरे जिलों से भी दमकल वाहनों को पटना बुलाया जाएगा। अग्निशमन विभाग ने पूजा समितियों से सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन करने और पंडाल निर्माण के दौरान निर्धारित नियमों का ध्यान रखने की अपील की है।


पटना से अनिल की रिपोर्ट