Patna News: बाढ़ के पानी में छिपा जहरीला खतरा, 50 दिनों में 81 सर्पदंश के मरीज, 9 की मौत, टाइफाइड के 4352 केस

Patna News: पटना में बाढ़ और जलजमाव के बीच अब सर्पदंश के मामले भी स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा रहे हैं।

बाढ़ के पानी में छिपा जहरीला खतरा- फोटो : social Media

Patna News: पटना में बाढ़ और जलजमाव के बीच अब सर्पदंश के मामले भी स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा रहे हैं। पानी से घिरे इलाकों में सांपों के निकलने और उनके काटने की घटनाएं सामने आ रही हैं। पिछले 50 दिनों में पटना के प्रमुख अस्पतालों में सर्पदंश के 81 मरीज इलाज के लिए पहुंचे, जिनमें से 9 लोगों की मौत हो गई। सबसे अधिक मरीज पीएमसीएच में भर्ती हुए।

आंकड़ों के मुताबिक पीएमसीएच में सर्पदंश के 38 मरीज, आईजीआईएमएस में 16, एनएमसीएच में 15, एम्स में 7 और न्यू गार्डिनर रोड अस्पताल में 5 मरीज पहुंचे। इनमें कुछ ऐसे मरीज भी थे, जिन्हें दूसरे अस्पतालों से रेफर कर बड़े अस्पतालों में भेजा गया था। बाढ़ प्रभावित इलाकों में पानी बढ़ने के साथ सांपों के सुरक्षित ठिकाने भी कम हो रहे हैं, जिससे इंसानों और जहरीले सांपों के आमना-सामना की आशंका बढ़ गई है।

न्यू गार्डिनर रोड अस्पताल के निदेशक डॉ. मनोज कुमार सिन्हा के मुताबिक, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से सर्पदंश के मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध होने की बात कही गई है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि सांप के काटने के बाद किसी तरह की देरी न करें और मरीज को फौरन अस्पताल लेकर जाएं।स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सबसे बड़ी चिंता यह है कि ग्रामीण और बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोग अब भी सर्पदंश के बाद झाड़-फूंक का सहारा लेते हैं। इससे इलाज में देरी हो सकती है और मरीज की जान पर बन सकती है। ऐसे में लोगों को अंधविश्वास से दूर रहकर तत्काल चिकित्सकीय मदद लेने की जरूरत है।

बाढ़ प्रभावित बस्तियों में पानी भरने के साथ दूषित पेयजल और संक्रामक बीमारियों का खतरा भी गहरा गया है। जलजमाव के बीच साफ पानी की उपलब्धता प्रभावित होने से कई तरह की बीमारियां पैर पसार सकती हैं।अब तक टाइफाइड के 4352 मरीज सामने आ चुके हैं। वहीं जलजमाव के बीच लेप्टोस्पायरोसिस बीमारी ने भी दस्तक दे दी है। स्वास्थ्य विभाग ने इसे लेकर अलर्ट जारी किया है। अब तक लेप्टोस्पायरोसिस के 2 मामले सामने आने की जानकारी है।

बाढ़ के दौरान दूषित पानी और संक्रमित मिट्टी के संपर्क से बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में प्रशासन के सामने राहत और बचाव के साथ-साथ स्वास्थ्य सुरक्षा की भी बड़ी चुनौती है। लोगों को साफ और सुरक्षित पेयजल इस्तेमाल करने, जलजमाव वाले पानी से अनावश्यक संपर्क से बचने और किसी भी बीमारी के लक्षण दिखने पर तुरंत अस्पताल जाने की सलाह दी जा रही है।फिलहाल पटना में बाढ़ की मुश्किलों के बीच सर्पदंश और जलजनित बीमारियां दोहरी आफत बनती नजर आ रही हैं। ऐसे में अस्पतालों में एंटी स्नेक वेनम और जरूरी दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना बेहद अहम हो गया है।