Patna High Court: हाईकोर्ट की लोक अदालत में 1.30 करोड़ में सुलझा मुआवजा केस, मृतक की पत्नी-बच्चों को मिला चेक

Patna High Court: पटना हाईकोर्ट में 12 सितंबर 2026 को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में मोटर वाहन दुर्घटना से जुड़े एक मामले का 1 करोड़ 30 लाख रुपये में समझौते के आधार पर निष्पादन हुआ। ...

Patna High Court: पटना हाईकोर्ट में 12 सितंबर 2026 को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में मोटर वाहन दुर्घटना से जुड़े एक मामले का 1 करोड़ 30 लाख रुपये में समझौते के आधार पर निष्पादन हुआ। सड़क हादसे में जान गंवाने वाले कंपनी के एमडी अभिमन्यु सिंह के परिजनों को बीमा कंपनी ने अंतिम समझौते के तौर पर 1 करोड़ 30 लाख रुपये का चेक सौंपा। यह राशि मृतक की पत्नी और दो नाबालिग बच्चों को दी गई।

जानकारी के मुताबिक, अभिमन्यु सिंह की 4 जनवरी 2017 को मोटर वाहन दुर्घटना में मौत हो गई थी। हादसे के बाद मुआवजे को लेकर मामला लंबित था। राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान बीमा कंपनी के अधिवक्ता दुर्गेश कुमार सिंह और यश रूहान की पहल पर दोनों पक्षों के बीच समझौते की राह बनी। इसके बाद मैग्मा जनरल इंश्योरेंस कंपनी के अधिकारी अनिरुद्ध देवराज और अधिवक्ता संगीतेश शिवम की मौजूदगी में मृतक के आश्रितों को 1.30 करोड़ रुपये का चेक सौंपा गया।

राष्ट्रीय लोक अदालत के तहत पूरे बिहार में मामलों का निष्पादन किया गया। पटना हाईकोर्ट में भी सात बेंच गठित कर विभिन्न मामलों की सुनवाई हुई। करीब 364 मामले बेंच के समक्ष सूचीबद्ध किए गए थे, जिनमें से 43 मामलों का निष्पादन किया गया। मोटर वाहन दुर्घटनाओं में जान गंवाने वाले लोगों के आश्रितों को कुल 5 करोड़ 46 लाख 66 हजार 425 रुपये का मुआवजा दिलाया गया।

लोक अदालत की प्रक्रिया में पक्षकारों की सहमति से मामलों का त्वरित और आपसी समझौते के आधार पर निपटारा किया जाता है। इससे लंबे समय से लंबित मामलों को राहत के साथ समाप्त करने का रास्ता खुलता है।अब इस वर्ष की अंतिम राष्ट्रीय लोक अदालत दिसंबर 2026 में आयोजित की जाएगी। आम तौर पर राष्ट्रीय स्तर पर साल में चार बार राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाता है। ये आयोजन मार्च, मई, सितंबर और दिसंबर में होते हैं।