Patna High Court: NEET UG OMR विवाद पर पटना हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, सभी याचिकाएं खारिज

Patna High Court: पटना हाईकोर्ट ने NEET UG 2026 की OMR शीट में कथित हेरफेर, परीक्षा परिणाम में फर्जीवाड़े और अंकों में अचानक भारी गिरावट के आरोपों से जुड़ी सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया है।...

Patna High Court:पटना हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला देते हुए नीट यूजी ओएमआर शीट में हेरफेर के आरोपों पर याचिकाएं खारिज कर दी।जस्टिस हरीश कुमार ने नीट-यूजी 2026 परीक्षा में ओएमआर शीट बदलने, फर्जीवाड़ा करने और अंकों में अचानक भारी कटौती के गंभीर आरोपों से जुड़ी याचिकाओं पर अहम फैसला सुनाते हुए सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया है।  

 छात्राओं (पावनी प्रभा, प्रिया कुमारी और निशा कुमारी) ने आरोप लगाया था कि उनके मूल अंक बहुत अधिक थे (जैसे 622 और 611), जो बाद में अचानक घटाकर क्रमश: 81 और 194 कर दिए गए। ओएमआर शीट और हस्ताक्षर बदलने का आरोप लगाया गया था जब कोर्ट के निर्देश पर एनटीए ने सीलबंद लिफाफे में मूल ओएमआर शीट पेश की, तो छात्राओं का दावा था कि ओएमआर शीट उनकी नहीं है और उन पर बने हस्ताक्षर नकली हैं। 

 नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) तथा NIC ने कोर्ट को बताया कि स्कोरकार्ड और परिणाम में कोई संशोधन नहीं किया गया है। छात्राओं द्वारा प्रस्तुत स्कोरकार्ड जाली हैं तथा ओएमआर शीट की स्कैनिंग और मूल्यांकन पूरी तरह सुरक्षित वातावरण में किया गया था।  कोर्ट ने माना कि बिना किसी ठोस और पुख्ता सबूत के NTA जैसे आधिकारिक सरकारी संस्थान के रिकॉर्ड पर संदेह नहीं किया जा सकता।कोर्ट ने स्पष्ट किया कि समय, परिस्थिति और तनाव के आधार पर किसी व्यक्ति के हस्ताक्षरों में मामूली अंतर आना स्वाभाविक है, इसे ओएमआर शीट की अदला-बदली या धोखाधड़ी का आधार नहीं बनाया जा सकता।  

 अगर छात्र OMR शीट की असलियत और तथ्यों पर विस्तृत जांच या साक्ष्य चाहते हैं, तो वे सक्षम सिविल कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते हैं।याचिकाओं को खारिज करते हुए जस्टिस हरीश कुमार ने छात्राओं के प्रति सहानुभूति व्यक्त की और कहा कि यह परिणाम उनके करियर का अंत नहीं है। कोर्ट ने उन्हें आगामी परीक्षाओं के लिए शुभकामनाएं दीं।