दलित बेटी को इंसाफ दिलाने की मिली थी 'सजा'! हाईकोर्ट ने मंत्री संतोष मांझी को दी बड़ी राहत, रद्द हुई बोधगया थाने की एफआईआर

HAM के अध्यक्ष व मंत्री संतोष कुमार मांझी के लिए आज का दिन बड़ी राहत लेकर आया। पटना हाईकोर्ट ने बोधगया थाने में दर्ज उनके विरुद्ध एक पुराने आपराधिक मामले और गया सीजेएम कोर्ट द्वारा लिए गए संज्ञान को सिरे से रद्द कर दिया है।

Patna  - पटना हाईकोर्ट ने बिहार सरकार के लघु सिंचाई मंत्री और हम पार्टी के अध्यक्ष व नेता संतोष कुमार मांझी को राहत देते हुए उनके विरुद्ध दायर मामलें को रद्द कर दिया।जस्टिस संदीप कुमार ने इस मामलें पर सभी पक्षों को सुनने के बाद ये आदेश दिया। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता दीनू कुमार ने बताया कि बोधगया के थाना कांड संख्या 199/17 तारीख 1अप्रैल,2017 को संतोष कुमार मांझी उर्फ़ संतोष मांझी के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया।

गया के चीफ जुडिसियल मैजिस्ट्रेट ने संतोष कुमार मांझी के विरुद्ध विभिन्न धाराओं के अंतर्गत 2 फरवरी,2021 को संज्ञान लिया।इनमें धारा 109,147,148,149,188,341,323,325,338,354 बी,353,427, 506 भारतीय दंड संहिता के तहत लगाया गया।

साथ ही पुलिस एक्ट 2007 की धारा  72,सार्वजानिक संपत्ति की हानि रोकने का 1984 का सेक्शन 4 की धाराएं भी लगाई गई थी, जिसके अंतर्गत चीफ जुडिसियल मैजिस्ट्रेट, गया ने संज्ञान लिया था। 

अधिवक्ता दीनू कुमार ने बताया कि  प्राथमिकी के आधार पर कोई मामला नहीं था और याचिकाकर्ता के विरुद्ध कोई मामला नहीं था।याचिकाकर्ता ने सिर्फ जनसभा को सम्बोधित किया था।  उनके विरुद्ध ये मामला गलत ढंग से मुकदमा चलाने और कानूनी वैधता का दुरूपयोग था।

सरकारी अधिवक्ता झारखंडी उपाध्याय ने जो हलफ़नामा कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया,उसमें ये कहा गया कि वे सिर्फ सार्वजनिक  जनसभा को सम्बोधित कर रहे थे। एक दलित लड़की का अपहरण कर लिया गया था।ये भी आरोप लगा कि उस दलित लड़की के साथ बलात्कार किया गया और इसी सम्बन्ध में  आयोजित जनसभा को संतोष कुमार मांझी सम्बोधित कर रहे थे।

इस मामलें में  प्रभावी और ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। दलित लड़की का मेडिकल बोर्ड नहीं कराया जा रहा था। इस कारण न तो जांच सही दिशा में जा रही थी और न ही  इसके लिए दोषी लोगों को पकड़ा जा रहा है। इसी सम्बन्ध में मंत्री संतोष कुमार मांझी एक सार्वजनिक सभा को सम्बोधित कर रहे थे।इसी मामलें ने बोधगया थाने में उनके विरुद्ध विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया।

इसके विरुद्ध हम पार्टी के अध्यक्ष व नेता संतोष मांझी ने पटना हाईकोर्ट चीफ जुडिसियल मैजिस्ट्रेट, गया द्वारा लिए गये संज्ञान को चुनौती दी। जस्टिस संदीप कुमार ने इस आपराधिक याचिका पर सभी सम्बन्धित पक्षों को सुना।इसके बाद मंत्री संतोष मांझी के विरुद्ध सीजेएम,गया द्वारा लिए गये संज्ञान को रद्द करते हुए बड़ी राहत दी।