Patna High Court: मिड डे मील कांड पर पटना हाईकोर्ट सख्त, 189 बच्चों की जान से खिलवाड़ पर फूटा कोर्ट का गुस्सा, फॉरेंसिक लैब से मांगा जवाब

Patna High Court: सहरसा जिले के महिषी प्रखंड स्थित राजकीय मध्य विद्यालय, बलुआहा में मिड डे मील खाने के बाद 150 से अधिक बच्चों की तबीयत बिगड़ने के मामले में पटना हाईकोर्ट ने एक बार फिर कड़ा रुख अपनाया है।...

मिड डे मील कांड पर पटना हाईकोर्ट सख्त- फोटो : social Media

Patna High Court:पटना हाईकोर्ट ने सहरसा जिले के  महषि प्रखंड के राजकीय मध्य विद्यालय, बलुआहा में  मिड डे मील खाने के बाद  150 से भी अधिक छात्रों  के तबीयत खराब होने पर आज पुनः सुनवाई की।जस्टिस राजीव रंजन प्रसाद की खंडपीठ ने इस गम्भीर मामलें पर स्वयं संज्ञान लेते हुए सुनवाई की।कोर्ट  बिहार सरकार के निर्देशक , एमडीएम/पीएम पोषण द्वारा दायर  जबाब से सन्तुष्ट नही था।

कोर्ट  ने उन्हें सभी सम्बन्धित पक्षों व अधिकारियों से विचार विमर्श  कर पुनः हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया।कोर्ट ने.भागलपुर स्थित आरएफएसएल के निर्देशक  को पार्टी बनाने का निर्देश दिया।कोर्ट ने इस बात पर नाराजगी जाहिर की कि 189  स्कूली छात्रों  का जीवन मिड डे मिल  खाने से खतरे में पडा, लेकिन आरएसएफएल,भागलपुर ने फूड सैंपल  का जांच नहीं किया।कोर्ट ने निर्देशक,आरएसएफएल,भागलपुर को आन लाइन अगली सुनवाई मे  उपस्थित होने का निर्देश दिया।

 बिहार सरकार  का पक्ष प्रस्तुत कर रहे अधिवक्ता अमीष कुमार ने  निदेशक,आरएसएफएल, भागलपुर  के लिए नोटिस स्वीकार किया।उन्होनें  बताया कि 21 मई, 2026 को  इस सन्दर्भ में पत्र निर्देशक, आरएसएफएल, भागलपुर  को भेजा था।कोर्ट ने सुनवाई करते हुए  एस पी,सहरसा को पिछली सुनवाई में विस्तृत रिपोर्ट देने का निर्देश दिया था।भागलपुर के फॉरेंसिक साइंस लेबोरेट्री को कोर्ट ने कहा था कि जो भी सैंपल जांच के लिए लम्बित  है,उनका रिपोर्ट जल्द दे।एस पी,सहरसा ने कोर्ट को बताया कि इस केस के आईओ ने सैंपल जांच के लिए भेजने में  देर कर दिया। उन्हें निलम्बित कर दिया गया है।कोर्ट ने उन्हें  जांच और कार्रवाई का ब्यौरा  अगली सुनवाई में  पेश करने का निर्देश दिया।

कोर्ट को बताया कि महषि प्रखंड में 68 स्कूलों में विद्यालय शिक्षा समिति के द्वारा किचन की व्यवस्था  की गयी है,जबकि 58 स्कूलों में एजेंसी के माध्यम से किचन  चलाया जाता है।  कोर्ट ने सहरसा के खाद्य आपूर्ति अधिकारी व खाद्य विश्लेषक, अगमकुॅआ को पिछली सुनवाई में रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। साथ ही सम्बन्धित एनजीओ को पार्टी बनाने को कहा था।कोर्ट ने भारतरत्न डा. भीमराव अम्बेडकर दलित उत्थान एवं  शिक्षा समिति, बलुआहा चौक, ,लाहौर  को भी पार्टी  बनाने का निर्देश दिया था।

जिलाधिकारी,सहरसा ने बताया था कि  189 बच्चों को अस्पताल में ईलाज के लिए भर्ती कराया गया था।ठीक होने के बाद  उन्हें  अस्पताल से छुट्टी दिया गया।68795 स्कूल मध्यान्ह भोजन  की योजना  चलायी जा रही। यह योजना क्लास एक से ले कर क्लास आठ तक के लिए ये योजना  है।

इस  स्कूल में  डेढ सौ से भी अधिक बच्चों ने मिड डे मील खाने के बाद बीमार पड़ गये।उन्होनें  पेट दर्द, उल्टी, चक्कर आने की शिकायत की।उन्हें स्थानीय अस्पताल  में ले जाया गया।करीब सौ से अधिक बच्चों को सहरसा सदर अस्पताल इलाज के लिए भेजा गया।स्थानीय लोगों ने बताया कि मिड डे मील मे सांप का बच्चा  या कोई जहरीला कीड़ा  पड गया था।इसी भोजन को करने से बच्चों तबीयत बिगड़ गई। प्रशासन  ने त्वरित कार्रवाई करते हुए  भोजन के सैंपल को फॉरेंसिक साइंस लेबोरेट्री भिजवाया।साथ ही प्रशासन नेजिम्मेदार  हेडमास्टर को निलंबित  किया था।साथ ही एफआईआर भी दर्ज कराया गयाथा। राज्य सरकार की ओर से अधिवक्ता अमीष कुमार ने कोर्ट के समक्ष  तथ्यों को प्रस्तुत किया।इस मामलें पर अगली सुनवाई18 जून ,2026 को होगी।