बिहार दंत चिकित्सक बहाली में 'आरक्षण घोटाला'? पटना हाईकोर्ट में BTSC के खिलाफ रिट याचिका दायर, नई चयन सूची की मांग

बिहार तकनीकी सेवा आयोग (BTSC) द्वारा विज्ञापन संख्या 20/2025 के तहत की जा रही नियुक्तियों में आरक्षण नियमों के कथित उल्लंघन को लेकर पटना हाईकोर्ट में एक महत्वपूर्ण रिट याचिका दायर की गई है।

Patna - पटना हाईकोर्ट में बिहार के दंत चिकित्सकों की बहाली प्रक्रिया और आरक्षण नियमों के कथित उल्लंघन को लेकर एक महत्वपूर्ण रिट याचिका दायर की गई है। अधिवक्ता नीरज कुमार द्वारा दायर इस याचिका में बिहार तकनीकी सेवा आयोग (BTSC) की चयन प्रक्रिया पर गंभीर संवैधानिक सवाल उठाए गए हैं।

विज्ञापन और आरक्षण नियमों के उल्लंघन का आरोप

अधिवक्ता नीरज कुमार ने विज्ञापन संख्या 20/2025 (दिनांक 10.03.2025) के तहत निकाली गई बहाली प्रक्रिया को अदालत में चुनौती दी है。 याचिका में आरोप लगाया गया है कि आयोग ने अनारक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों को 50% क्षैतिज आरक्षण (Horizontal Reservation) का लाभ अवैध रूप से दिया है。 याचिकाकर्ता के अनुसार, यह कार्यवाही न केवल मनमानी है बल्कि स्पष्ट रूप से असंवैधानिक भी है。

विधिक नियमों और विज्ञापन की शर्तों की अनदेखी

याचिका में तर्क दिया गया है कि आयोग का यह कदम 'बिहार दंत चिकित्सा सेवा संशोधन नियम 2023' और विज्ञापन के खंड 5 का खुला उल्लंघन है。 नियमों के मुताबिक, क्षैतिज आरक्षण का लाभ केवल आरक्षित श्रेणियों के लिए ही सीमित रखा जाना चाहिए था। प्रतिवादी आयोग की इस कथित अवैध प्रक्रिया ने पूरी चयन प्रक्रिया की वैधता पर सवालिया निशान लगा दिया है।

मेधावी आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को भारी नुकसान

अधिवक्ता नीरज कुमार ने बताया कि इस प्रक्रिया के कारण उन आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों को गंभीर नुकसान पहुँचा है जिन्होंने बिहार के बाहर से पढ़ाई की है। आयोग की इस कार्यवाही से कट-ऑफ अंकों में कृत्रिम रूप से वृद्धि हुई है, जिसके कारण कंप्यूटर आधारित परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के बावजूद कई योग्य अभ्यर्थियों को योग्यता सूची में काफी नीचे धकेल दिया गया है। इससे उनके चयन की संभावनाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।

याचिकाकर्ताओं की स्थिति और पृष्ठभूमि

इस मामले के सभी याचिकाकर्ता बिहार राज्य के स्थायी निवासी हैं और आरक्षित श्रेणियों से संबंधित हैं। इन अभ्यर्थियों ने बिहार राज्य के बाहर स्थित मान्यता प्राप्त डेंटल संस्थानों से अपनी बीडीएस (BDS) की शिक्षा सफलतापूर्वक पूरी की है। अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि ये सभी अभ्यर्थी राज्य की तकनीकी सेवा आयोग द्वारा जारी विवादित नोटिस और कट-ऑफ निर्धारण के नियमों से सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं।

अदालत से राहत और नई सूची की मांग

अधिवक्ता नीरज कुमार ने रिट याचिका के माध्यम से पटना हाईकोर्ट से प्रार्थना की है कि आयोग द्वारा जारी विवादित नोटिस और कट-ऑफ सूची को रद्द किया जाए। याचिका में मांग की गई है कि कोर्ट आयोग को नियमों के तहत एक नई कट-ऑफ सूची तैयार करने का आदेश दे, ताकि योग्य उम्मीदवारों को परिणामी राहत मिल सके और उनके अधिकारों की रक्षा हो सके।