लव, शादी और धोखा ! आरोपी 'पति' को पटना हाई कोर्ट ने किया बरी... 20 साल बाद बदल गई पूरी कहानी

बिहार के अरवल निवासी एक व्यक्ति को पटना हाई कोर्ट ने 20 साल पहले मंदिर में हुई कथित शादी और फिर दहेज तथा गर्भपात से जुड़े मामले में बरी करते हुए बड़ी राहत दी है.

Patna High Court - फोटो : news4nation

Patna High Court : पटना हाईकोर्ट ने अरवल निवासी विशाल सिंह उर्फ नीरज सिंह को शादी, दहेज और प्रताड़ना के गंभीर आरोपों से पूरी तरह बरी कर दिया है। ये मामला मंदिर में गुपचुप शादी का बताया गया। पीड़िता रश्मि सिंह उर्फ पायल सिंह का दावा था कि विशाल के साथ उसके अफेयर के बाद दोनों ने 27 अप्रैल ,2005 को सोनपुर के प्रसिद्ध हरिहर नाथ मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज से शादी की थी।  


 शादी के बाद दोनों पति-पत्नी की तरह रहने लगे, लेकिन पीड़िता का आरोप था कि विशाल और उसके परिवार ने 5 लाख रुपये दहेज की मांग को लेकर उस पर जुल्म ढाने शुरू कर दिए। शिकायत के मुताबिक, पीड़िता जब गर्भवती हुई, तो उसका जबरन गर्भपात करवा कर उसे मायके में छोड़ दिया गया। इसके बाद मामला लहेरियासराय थाने (दरभंगा) पहुंचा।निचली अदालत (स्पेशल कोर्ट, पटना) ने विशाल को दोषी ठहराते हुए 5 साल की सजा और जुर्माना सुनाया था। ये मामला पटना हाइकोर्ट में जस्टिस प्रभात कुमार सिंह  के एकल पीठ समक्ष  आया।


अधिवक्ता सुमीत कुमार सिंह ने हाईकोर्ट को बताया कि मंदिर का कोई रिकॉर्ड नहीं था। उन्होनें खुलासा कि मंदिर समिति 2006 में बनी थी, जबकि शादी 2005 की बताई जा रही थी। मंदिर के पास शादी का कोई लिखित सबूत या रसीद नहीं थी।  


 इस मामले की जांच करने वाले पुलिस अफसर को कोर्ट में बयान दर्ज कराने के लिए प्रस्तुत ही नहीं किया गया। हाईकोर्ट में मुख्य गवाह में मुकर गया। हाईकोर्ट ने माना कि बिना किसी ठोस दस्तावेजी सबूत और स्वतंत्र गवाहों के सिर्फ बयानों के आधार पर सजा नहीं दी जा सकती। 


 संदेह का लाभ देते हुए विशाल सिंह को निचली अदालत द्वारा दी गई सजा से मुक्त करते हुए पटना हाईकोर्ट ने पति को  बरी कर दिया।