Bihar News : पटना हाईकोर्ट ने सहरसा MDM फूड पॉइजनिंग मामले को लेकर की सुनवाई, FSL रिपोर्ट में देरी पर जताई नाराजगी

Bihar News : पटना हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश सुधीर सिंह की खंडपीठ ने मिड-डे मील खाने से बच्चों के बीमार होने के मामले में सुनवाई की। जहाँ कोर्ट ने अपनी नाराजगी जाहिर की....पढ़िए आगे

पटना हाईकोर्ट सख्त - फोटो : SOCIAL MEDIA

PATNA : पटना हाईकोर्ट के उपयुक्त पीआईएल के बेंच में सहरसा जिले के महषि प्रखंड के राजकीय मध्य विद्यालय, बलुआहा में मिड डे मील खाने के बाद 150 से भी अधिक छात्रों  के तबीयत खराब होने के मामलें की सुनवाई होगी। एक्टिंग चीफ जस्टिस सुधीर सिंह की खंडपीठ ने सुनवाई की। पिछली सुनवाई  में कोर्ट  बिहार सरकार के निर्देशक , एमडीएम/पीएम पोषण द्वारा दायर  जवाब से सन्तुष्ट नही था। 

कोर्ट ने उन्हें सभी सम्बन्धित पक्षों व अधिकारियों से विचार विमर्श कर पुनः हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने इस बात पर नाराजगी जाहिर की कि 189  स्कूली छात्रों  का जीवन मिड डे मिल खाने से खतरे में पडा, लेकिन आरएसएफएल,भागलपुर ने फूड सैंपल  का जांच नहीं किया। कोर्ट ने सुनवाई करते हुए एस पी,सहरसा को पिछली सुनवाई में विस्तृत रिपोर्ट देने का निर्देश दिया था। भागलपुर के फॉरेंसिक साइंस लेबोरेट्री को कोर्ट ने कहा था कि जो भी सैंपल जांच के लिए लम्बित  है,उनका रिपोर्ट जल्द दे।

पूर्व की सुनवाई में कोर्ट को बताया गया था कि महषि प्रखंड में 68 स्कूलों में विद्यालय शिक्षा समिति के द्वारा किचन की व्यवस्था  की गयी है,जबकि 58 स्कूलों में एजेंसी के माध्यम से किचन  चलाया जाता है। जिलाधिकारी,सहरसा ने बताया था कि 189 बच्चों को अस्पताल में ईलाज के लिए भर्ती कराया गया था। ठीक होने के बाद  उन्हें अस्पताल से छुट्टी दिया गया। 68795 स्कूल मध्यान्ह भोजन  की योजना  चलायी जा रही। यह योजना क्लास एक से ले कर क्लास आठ तक के लिए ये योजना  है।

इस  स्कूल में  डेढ सौ से भी अधिक बच्चों ने मिड डे मील खाने के बाद बीमार पड़ गये। उन्होनें  पेट दर्द, उल्टी, चक्कर आने की शिकायत की।उन्हें स्थानीय अस्पताल  में ले जाया गया। करीब सौ से अधिक बच्चों को सहरसा सदर अस्पताल इलाज के लिए भेजा गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि मिड डे मील मे सांप का बच्चा  या कोई जहरीला कीड़ा  पड गया था।इसी भोजन को करने से बच्चों तबीयत बिगड़ गई। प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए  भोजन के सैंपल को फॉरेंसिक साइंस लेबोरेट्री भिजवाया। प्रशासन ने जिम्मेदार  हेडमास्टर को निलंबित  किया था।साथ ही एफआईआर भी दर्ज कराया गया था। इस मामलें पर अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद की जायेगी।