Bihar News : पटना हाईकोर्ट में कथित 'डस्टबीन घोटाले' के मामले पर हुई सुनवाई, राज्य सरकार को हलफनामा दायर करने के लिए इस दिन तक मिली मोहलत

Bihar News : पटना उच्च न्यायालय में राज्य के सरकारी अस्पतालों में कथित 'डस्टबीन घोटाले' से जुड़ी जनहित याचिका पर महत्वपूर्ण सुनवाई हुई......पढ़िए आगे

डस्टबिन घोटाले पर सुनवाई - फोटो : SOCIAL MEDIA

PATNA : पटना हाईकोर्ट में कथित  डस्टबीन घोटाले से सम्बन्धित जनहित याचिका पर सुनवाई की गई। कौशलेश कुमार की जनहित याचिका पर चीफ जस्टिस वी कामेश्वर राव  की खंडपीठ ने सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को हलफनामा दायर करने के लिए  3 नवंबर, 2026 तक की मोहलत दी हैं। इस मामलें पर अगली सुनवाई 3 नवंबर,2026 को होगी। बिहार के सरकारी हास्पिटल में वायो मेडिकल बेस्ट को नष्ट करने के लिए  खरीदे गए उपकरणों में बडे पैमाने पर हेरफेर का आरोप लगाते हुए ये जनहित याचिका पटना हाईकोर्ट  में दायर की गई। ये जनहित याचिका कौशलेश कुमार द्वारा दायर की गई। 

याचिकाकर्ता के वरीय अधिवक्ता संजीव कुमार मिश्र  ने बताया कि पिछली सुनवाई 8 सितंबर, 2026 को हुई थी। इसमें  राज्य सरकार को इस मामलें पर जबाव दायर करने का आदेश कोर्ट ने दिया था। कोर्ट को याचिकाकर्ता के अधिवक्ता  संजीव कुमार मिश्र  ने बताया कि बीएमएसआईसीएल ने राज्य के अस्पतालों में 75 और  45 लीटर  के माइक्रोवेव डस्टबीन और इसमें कचरा रखने के लिए 75 और 45 लीटर के  वायोडिगरेडेबल बैग के आपूर्ति के लिए निविदा निकाला। लखनऊ की एक कंपनी एस एस मेडिकल  सिस्टम को निविदा दे दिया गया।

इस जनहित याचिका में ये आरोप लगाया गया कि 75 लीटर वाला  एक माइक्रोवेव डस्टबीन खरीद 15490 रूपये की गयी,जबकि बाजार में इसकी कीमत मात्र 1550 रूपये हैं। 45 लीटर वाली डस्टबीन  11474 रूपये में खरीदी गई, जिसका बाजार  में कीमत 1162 रुपये बताई गई।  इस जनहित याचिका ये भी आरोप लगाया गया कि 75 लीटर का वायोडिगरेवल बैग 98 रुपए  में खरीदा गया,जबकि सामान्य कीमत साढ़े आठ रूपये हैं। वहीं 45 लीटर का बैग  69 रूपये में खरीदा गया,जबकि इसकी वास्तविक कीमत पौने छः रूपये बतायी गई। 

इस जनहित याचिका में बताया  गया कि जून, 2024 से 18 अप्रैल, 2026 के बीच इसकी खरीदारी 57 आर्डर से की गई। इस निविदा में सात कम्पनियों भाग लिया था। इसमें ये आरोप लगाया गया था कि इन चार आइटम की खरीदारी 18 फीसदी जीएसटी के साथ लगभग 307 करोड रुपये में  हुई।  इनको बेचने वाली चार फर्मो से कोटेशन लेने पर कुल मूल्य 18 फीसदी जीएसटी लगभग 29 करोड रुपए होता हैं। इन आरोपों पर अगली सुनवाई  में राज्य सरकार का जबाब आने के बाद स्थिति सपष्ट होगी। इस मामलें पर 3 नवंबर, 2026 को सुनवाई होनी हैं।