राजधानी में नियमों की धज्जियां उड़ाकर बिक रहा मांस, क्या सो रही है सरकार? पटना हाईकोर्ट चीफ जस्टिस ने लगाई फटकार

पटना हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संगम कुमार साहू की खंडपीठ ने राजधानी में अवैध और अस्वास्थ्यकर तरीके से मांस-मछली बेचने पर पाबंदी लगाने वाली जनहित याचिका पर महत्वपूर्ण सुनवाई की

Patna - पटना हाईकोर्ट ने पटना एवं आसपास के क्षेत्रों में खुले आम नियमों का उल्लंघन कर मांस- मछली बेचने पर पाबन्दी लगाने सम्बंधित जनहित याचिका पर सुनवाई की।चीफ जस्टिस संगम कुमार साहू की खंडपीठ ने इस मामलें पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को बताने को कहा कि राजधानी पटना के विभिन्न क्षेत्रों में  स्लॉटर हाउस( बुचड़खाने)   के निर्माण के सम्बन्ध में क्या कार्रवाई हो रही है।

 वरीय अधिवक्ता संजीव कुमार मिश्रा की जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए पटना नगर निगम को बताने को कहा कि पटना के विभिन्न वार्डो में बुचड़खाने  की क्या स्थिति है है।कोर्ट ने कहा कि प्रत्येक वार्ड में एक आधुनिक और साफ सुथरा बुचड़खाना बनाया जाना चाहिए । कोर्ट ने स्पष्ट किया कि नगर निगम का ये संवैधानिक दायित्व है कि वह शहर की सफाई व्यवस्था चुस्त दुरुस्त हो।नागरिकों के स्वास्थ्य का संरक्षण और उन्हें साफ और शुद्ध वातावरण उपलब्ध कराना उनका बुनियादी दायित्व है ।

पिछली सुनवाइयों में कोर्ट ने पटना नगर निगम को कई बार कार्रवाई रिपोर्ट माँगा। पूर्व में पटना नगर निगम ने कोर्ट को बताया था कि हैदराबाद की एक निर्माण कंपनी ने पटना में  स्लॉटर हाउस बनाने का प्रस्ताव दिया था ।  पहले की सुनवाई में  पटना नगर निगम की ओर से कोर्ट को बताया गया था कि आधुनिक बूचडखाने के निर्माण और विकास के लिए स्थानों को चिन्हित कर लिया गया है।साथ ही निविदा की कार्रवाई की जा रही है।

सुनवाई के दौरान वरीय अधिवक्ता संजीव कुमार मिश्र ने कोर्ट को बताया था कि पटना समेत राज्य विभिन्न क्षेत्रों में अस्वास्थ्यकर और नियमों के विरुद्ध मांस मछली काटे और बेचे जाते हैं। उन्होंने कहा कि इससे जहाँ आम आदमी के  स्वास्थ्य  पर पर बुरा असर पड़ता हैं, वहीं खुले में इस तरह से खुले में  जानवरों के काटे जाने से छोटे बच्चों के मन पर बुरा प्रभाव पड़ता है। 

 याचिकाकर्ता वरीय अधिवक्ता संजीव कुमार मिश्र ने कोर्ट से यह भी आग्रह किया कि खुले और अवैध रूप से चलने वाले बूचडखानों को नगर निगम द्वारा तत्काल बंद कराया जाना चाहिए ।  उन्होंने कोर्ट को बताया था कि पटना के राजा बाज़ार, पाटलिपुत्रा , राजीव नगर, बोरिंग केनाल रोड , कुर्जी, दीघा , गोला रोड , कंकड़बाग  आदि क्षेत्रों में नियमों का उल्लंघन कर खुले में मांस मछ्ली की बिक्री होती है।

उनका कहना था कि शुद्ध और स्वस्थ मांस मछ्ली उपलब्ध कराने के लिए सरकार को आधुनिक सुविधाओं सुविधाओं के साथ बूचड़खाने बनाए जाने चाहिए,ताकि मांस मछली बेचने वालोंं को भी सुविधा मिले। इस मामलें पर अब अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद की जाएगी।