बिहार में चार साल से रिक्त है लोकायुक्त का पद, पटना हाई कोर्ट का बड़ा निर्देश, मुख्य सचिव को बनाएं पार्टी

लोकायुक्त का पद रिक्त रहने पर पटना हाई कोर्ट ने राज्य सरकार के मुख्य सचिव को पार्टी बनाने का निर्देश याचिकाकर्ता के अधिवक्ता को दिया। कोर्ट ने अधिवक्ता को निर्देश दिया कि इस आदेश की सूचना राज्य सरकार के मुख्य सचिव को दी जाए।

Patna High Court on Bihar Lokayukta- फोटो : news4nation

Patna High Court : पटना हाईकोर्ट ने राज्य में लंबे समय से लोकायुक्त का पद रिक्त पड़े रहने को काफी गंभीरता से लिया। जस्टिस डा. अंशुमान  ने विजय शाह की याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को बताने को कहा कि इतने लंबे समय से राज्य में लोकायुक्त का पद पर  नियुक्ति  क्यों  नहीं हुई है। मामलें की सुनवाई चार सप्ताह बाद की जायेगी। 


याचिकाकर्ता के अधिवक्ता डा.रंजीत कुमार ने बताया कि राज्य में लोकायुक्त का पद काफी समय से खाली पडा हैं। लोकायुक्तका पद फरवरी 2022 से ही खाली पडा हैं।इस पद को भरने की जिम्मेदारी राज्य सरकार  की हैं। लेकिन इस दिशा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई  हैं। उन्होंने कोर्ट को बताया कि लोकायुक्त कार्यालय के अधिवक्ता ने 15 जून, 2026 को जबाब देने व स्थिति सपष्ट करने के लिए दो सप्ताह का समय मांगा,लेकिन अबतक कोई जबाब नहीं आया हैं। लोकायुक्त के अधिवक्ता ने बताया कि अभी लोकायुक्त नहीं हैं,इसलिए इन याचिकाओं जबाब देना कठिन  हैः।


प्रावधानों के अनुसार लोकायुक्त की नियुक्ति  की जिम्मेवारी मुख्यमन्त्री सचिवालय की हैं। याचिकाकर्ता, राज्य सरकार व लोकायुक्त के अधिवक्ताओं ने बताया कि लोकायुक्त का पद 2022 से खाली पडा हैं। जस्टिस श्याम किशोर शर्मा  के सेवानिवृत्त  होने बाद  अभी तक  इस पद पर कोई नियुक्ति नहीं  हुई हैं। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता डा.रणजीत ने बताया कि लोकायुक्त कार्यालय में  सचिव  के पद पर एक आईएएस स्तर का  अधिकारी होता है।कोर्ट ने लोकायुक्त कार्यालय के अधिवक्ता को उक्त  अधिकारी से बिहार विमर्श कर  हलफनामा दायर  करने का निर्देश दिया।


कोर्ट ने राज्य सरकार के मुख्य सचिव को पार्टी बनाने का निर्देश याचिकाकर्ता के अधिवक्ता को दिया। कोर्ट ने राज्य सरकार के अधिवक्ता को निर्देश दिया कि इस आदेश की सूचना राज्य सरकार के मुख्य सचिव को दी जाए। कोर्ट ने उन्हें हलफनामा दायर कर बताने को कहा कि इतने समय तक लोकायुक्त का पद क्यों  खाली रहा।इतने दिनों तक इस पद के रिक्त  रहने पर  न्यायिक कार्य में बाधा होती हैं।कोर्ट इस स्थिति की अनदेखी नहीं कर सकता हैं। 


याचिकाकर्ता के अधिवक्ता डा. रणजीत कुमार ने बताया कि 2011 एक्ट के धारा 4 के अंतर्गत चयन समिति के अनुशंसा पर राज्यपाल लोकायुक्त व अन्य सदस्यों की नियुक्ति करते हैं।कोर्ट ने राज्य सरकार को प्राथमिकता के आधार पर राज्य में लोकायुक्त के पद भरे जाने की कार्रवाई करें।


कोर्ट ने राज्य के मुख्य सचिव को निर्देश दिया कि इस सन्दर्भ में की जा रही कार्रवाईयों पर चार सप्ताह में हलफनामा दायर करें। हलफनामा दायर नहीं कर पाने की स्तिथि में उन्हें वर्चुअल मोड पर कोर्ट में उपस्थित होना होगा। इस मामलें की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद पुनः की जायेगी।