पटना: पालीगंज व्यवहार न्यायालय में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, थानों के न्यायिक कार्यभार में बदलाव
पटना के पालीगंज व्यवहार न्यायालय में न्यायिक कार्यों को रफ्तार देने के लिए बड़ा प्रशासनिक फेरबदल! थानों का पुनर्वितरण कर जजों को सौंपी गई नई जिम्मेदारी।दानापुर कोर्ट को 15 दिनों के भीतर सभी लंबित फाइलें और रजिस्टर ट्रांसफर करने का सख्त निर्देश दिया।
पटना जिले के पालीगंज व्यवहार न्यायालय के नए भवन में न्यायिक कार्यों को अधिक सुचारू और व्यवस्थित बनाने के लिए एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने इस संबंध में एक महत्वपूर्ण और आधिकारिक आदेश जारी किया है। इस नए आदेश के तहत पालीगंज अनुमंडल के विभिन्न थानों से जुड़े पुलिस मामलों के संज्ञान, सुनवाई और त्वरित निष्पादन के लिए न्यायिक अधिकारियों के बीच थानों का नए सिरे से पुनर्वितरण किया गया है।
एसीजेएम-1 रवि पांडे को मिली इन 5 थानों की जिम्मेदारी
प्रशासनिक आदेश के अनुसार, सिविल जज (सीनियर डिवीजन)-I-सह-एसीजेएम-1 रवि पांडे को बेहद महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्हें बिक्रम, पालीगंज, खिरीमोड़, पिपरपुरा ओपी (आउटपोस्ट) तथा इमामगंज ओपी थानों से संबंधित मामलों का जिम्मा मिला है। अब इन पांचों थाना क्षेत्रों से जुड़े सभी नए दर्ज होने वाले और पहले से लंबित मामलों की सुनवाई सीधे एसीजेएम-1 (ACJM-1) की अदालत में संचालित की जाएगी।
न्यायिक दंडाधिकारी नदीम अहमद संभालेंगे 3 थानों का जिम्मा
इसी आदेश के तहत न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी (कोर्ट संख्या-1) नदीम अहमद के न्यायिक क्षेत्र में भी बदलाव किया गया है। उन्हें दुल्हिन बाजार, रानी तालाब एवं सिगोरी थाना क्षेत्रों का पूरा दायित्व सौंपा गया है। इन तीन प्रमुख थाना क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाले सभी मुकदमों की नियमित सुनवाई और कानूनी प्रक्रिया अब उनके न्यायालय के अधीन सुचारू रूप से संचालित होगी।

दानापुर कोर्ट को फाइलों के ट्रांसफर का सख्त निर्देश
इस पूरी व्यवस्था को धरातल पर उतारने के लिए पटना जिला जज ने दानापुर व्यवहार न्यायालय को बेहद सख्त निर्देश जारी किया है। दानापुर कोर्ट को निर्देशित किया गया है कि इन संबंधित थानों के जितने भी लंबित एफआईआर (FIR), चार्जशीट और अन्य आवश्यक न्यायिक अभिलेख हैं, उन्हें हर हाल में 15 दिनों के भीतर नव आवंटित न्यायालयों को हस्तांतरित (ट्रांसफर) कर दिया जाए ताकि मुकदमों की सुनवाई प्रभावित न हो।
दुरुस्त होंगे रजिस्टर, कर्मियों को आपसी समन्वय के निर्देश
दस्तावेजों के सुगम हस्तांतरण के लिए दानापुर न्यायालय से मुकदमों की फाइलों के साथ-साथ सभी आवश्यक रजिस्टर और रिकॉर्ड्स भी संबंधित न्यायिक अधिकारियों को जल्द उपलब्ध कराने को कहा गया है। इस पूरी प्रक्रिया को तय समय सीमा (15 दिनों) के भीतर पूरा करने के लिए दोनों न्यायालयों के प्रशासनिक कर्मचारियों को आपस में बेहतर तालमेल और समन्वय बनाकर काम करने की सख्त हिदायत दी गई है।
मुकदमों के निष्पादन में आएगी तेजी, तत्काल प्रभाव से लागू
न्यायिक प्रशासन का मानना है कि पालीगंज के नए भव्य कोर्ट भवन में इस नई व्यवस्था के लागू होने से वर्षों से लंबित मुकदमों के निपटारे में काफी तेजी आएगी। इससे न केवल वकीलों और वादियों को दानापुर की दौड़ लगाने से मुक्ति मिलेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर त्वरित न्याय मिल सकेगा। इस जनोपयोगी और प्रशासनिक बदलाव को 14 जुलाई 2026 से तत्काल प्रभाव से पूरे अनुमंडल क्षेत्र में लागू कर दिया गया है।
रिपोर्ट - ऋषिकेश